
बस्तर। जिला प्रशासन ने 232 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत के 15 वार्डों को ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें प्रमाणित कर आधिकारिक घोषणा की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने सूची जारी कर सात दिनों के भीतर दावा-आपत्ति मांगी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश पर जिले में यह कार्रवाई शुरू की गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायतों और वार्डों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं। इन दस्तावेजों में पिछले दो साल में बाल विवाह का कोई मामला सामने नहीं आने की पुष्टि की गई है।दस्तावेजों के परीक्षण के बाद इन क्षेत्रों को ‘बाल विवाह मुक्त’ प्रमाण पत्र जारी करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए आम नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से आपत्ति आमंत्रित की गई है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को प्रस्तावित सूची में शामिल किसी पंचायत या वार्ड में बाल विवाह की जानकारी हो तो वे प्रकाशन की तिथि से सात दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
आपत्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, संयुक्त जिला कार्यालय (कलेक्ट्रेट) जगदलपुर में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत की जा सकती है। संबंधित पक्ष पंजीकृत डाक के माध्यम से भी साक्ष्य सहित आवेदन भेज सकते हैं।





