छत्तीसगढ़

बालोद जिले को प्राप्त हुआ देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि

Shantanu Roy
2 Oct 2025 12:33 AM IST
बालोद जिले को प्राप्त हुआ देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि
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Balod. बालोद। जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से एवं समाज के सभी वर्गों के सहयोग से पिछले सवा दो वर्षों के अवधि के दौरान एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होेने पर बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं संपूर्ण जिलेवासियों के सहयोग से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने पर बालोद जिला प्रशासन को हार्दिक बधाई एवं
शुभकामनाएं
दी है। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने बालोद जिले के इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ राज्य सहित संपूर्ण देश के लिए पे्ररणादायी बताया।
उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के किसी भी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में मई 2023 के पश्चात् अब तक एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होने पर जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह महत्वपूर्ण उलपब्धि हासिल हुआ है। विदित हो कि बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय बनने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में विगत 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होना अनिवार्य है। बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय बनने के प्रक्रिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत के लिए ग्राम सभा बुलाकार इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य होता है। उसके पश्चात् इसका अभिलेखीकरण कर कलेक्टर को प्रस्ताव पे्रषित किया जाता है। नगरीय निकायों के लिए भी यही प्रक्रिया निर्धारित है। इन सभी प्रक्रियाओं के उपरांत कलेक्टर द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के उपरांत कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा 436 ग्राम पंचायतों एवं 09 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित होने के संबंध में प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होेने के उपरांत अब बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त होेने का दर्जा मिल गया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने संपूर्ण जिलेवासियों के समवेत प्रयासों से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होनेे पर पूरे बालोद जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मिश्रा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए अभियान से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि सहित बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहभागिता निभाने वाले प्रत्येक व्यक्ति बधाई के पात्र है। उन्होंने अथक प्रयासों से बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण जिलेवासियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों के प्रति विनम्र आभार माना है।
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