बाबू पठान-आशू शर्मा ने इमू को प्रदेश में पुलिस से सेटिंग की जिम्मेदारी दी

आईपीएल सट्टा को पूरे प्रदेश में संगठित होकर चलाने महासटोरियों की ठेका टीम तैयार
आईपीएल सट्टा की धड़ल्ले से करोड़ों की बोहनी का टारगेट
रायपुर में होने वाले मैच के लिए रायपुर के होटलों, फार्महाउस, क्लबों में रूम बुक
पुलिस संरक्षण की जिम्मेदारी इमू को दिया गया
रायपुर (जसेरि)। इमू अब पुलिस के रायपुर में रहते हुए अपने आका सट्टा माफिय़ाओं की मदद करने के लिए रायपुर कबीर नगर के बाबू पठान और आशू शर्मा के लिए काम करेगा। जिसके लिए ईमू और बाबू पठान ने पूरे प्रदेश में अपना नेटवर्क फैला रखा है। इ मू ने पुलिस में सेटिंग कराने का भी ठेका ले रखा है। रायपुर में होने वाले मैच के लिए रायपुर के होटलों, फार्महाउस, क्लबों में रूम बुक हो चुका है। जहां से राजधानी सहित बिलापुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दुर्ग राजनांदगांव, खैरागढ़ धमतरी, महासंमुद, गरियाबंद में ई मू बाबू पठान के गुर्गे सट्टे को संचालित करेगा। इसके लिए सभी गुर्गों को आईडी पासवर्ड देकर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिया है जहां बाबू और आशू शर्मा के गुर्गो को आईपीएल सट्टा में धड़ल्ले से करोड़ों की बोहनी का टारगेट दिया गया है।
बाबू पठान का गुर्गा ईमू ऊर्फ इमरान कोटा गुढिय़ारी सरस्वती नगर कबीर नगर क्षेत्र में आईपीएल सट्टे का ठेका लेकर पुलिस की सेटिंग कराने में माहिर है। पूरे इलाक़े में ईमू का दहशत आज भी बरकरार है। इसी का फायदा उठाते हुए बाबू पठान और इमू अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। पूरे क्षेत्र में पुलिस को संरक्षण देने की बात करते हुए नजराना भी पेश कर दिया है जो आईपीएल सट्टा में ठेका लेने की अपनी तरह की नई स्टाइल है। करोड़ों के सट्टे के संचालन के लिए कितना नजराना दिया गया होगा इसका अंदाजा तो इ मू आशू शर्मा औऱ बाबू पठान के गिर तारी के बाद ही खुलासा हो सकेगा। हर साल आईपीएल सट्टा में रायपुर पूरे विश्व के सटोरियों की नजर में सबसे ऊपर रहा है इश बार भी माना जा रहा है कि अपबों खरबों का खेल छत्तीसगढ़ में बैठे सटोरए अपने आका के लिए करने वाले है। विदेश में रहने वाले इमके आकाओं ने सभी सटोरियों का गाड़ी बंगला की सुविधा के साथ सुरक्षा से लेस कर रखा है। यह भी चेतावनी गुर्गों को दी गई है कि यदि पुलिस का दबाव ज्यादा बढ़ जाता है तो गुर्गों को पकड़ावा देना और खुद लाइट से सऊदी अरब पहुंच जाना । बाकी का खेल पुलिस के शांत होने यानी सेटिंग के बाद पूरी तरह शुरू किया जाएगा।
किराए के लैट और होटल मुख्य केंद्र
सटोरिये अब किसी एक ठिकाने से सट्टा संचालित नहीं करते बल्कि जगह बदल-बदल कर अलगअलग कालोनियों या मोहल्लो में किराये का मकान या लैट लेकर अपना काम करते हैं। हाल में ही पहके गए अधिकतर सटोरिये इसी तरह से सट्टा संचालित करते मिले थे। मतलब अब सटोरिए हाई-स्पीड इंटरनेट और आधुनिक संसाधनों के साथ किराए के लैटों और होटलों से सट्टा संचालित कर रहे हैं। कटोरातालाब क्षेत्र का अनिल आलू पहले पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, लेकिन बाद में भूमिगत होकर बड़ा सट्टा कारोबारी बन गया।
गांव-गांव तक पहुंचा सट्टा
सट्टे का नेटवर्क अब शहरों तक सीमित नहीं रहा। तिल्दा, भाटापारा, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव समेत छोटे कस्बों और गांवों तक खाईवालों के गुर्गे घूम-घूमकर सट्टा खिला रहे हैं। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर और बिलासपुर के बड़े खाईवाल इस पूरे नेटवर्क को आईडी उपलब्ध कराते हैं। पुलिस वालो के पाहुवह से दूर भी होते जा रहे हैं ये सटोरिये क्योकि बड़े नेताओ का हाथ इन पर होने लगा है। छुटभैये नेता तो इनका साथ देते ही थे अब चंदा और पार्टी फण्ड के नाम से बड़े नेता भी पीछे से इनके सपोर्ट में दिखते हैं।





