छत्तीसगढ़

सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगों को उजाड़ने का प्रयास

Nil dhankar
20 Dec 2025 12:38 PM IST
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगों को उजाड़ने का प्रयास
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रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सिद्धार्थ चौक से साहू कॉम्प्लेक्स, संजय नगर होते हुए संतोषी नगर ओवरब्रिज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के नाम पर की गई नाप-जोख और मार्किंग से क्षेत्र के नागरिकों में भय, असुरक्षा और भारी आक्रोश व्याप्त है ।

उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि इस मार्ग पर न तो किसी प्रकार की ट्रैफिक समस्या है, न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों अथवा रहवासियों द्वारा सड़क चौड़ीकरण की कोई मांग की गई है, इसके बावजूद चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर मनमानी तरीके से मकानों और दुकानों पर तोड़फोड़ की मार्किंग की गई है।

अग्रवाल ने कहा कि सड़क के दोनों ओर अलग-अलग स्थानों पर 02 मीटर से लेकर 15 मीटर तक घरों और दुकानों को तोड़े जाने की मार्किंग की गई है । एक ही कतार में स्थित समान परिस्थिति वाले घरों में कहीं 06 मीटर, कहीं 08 मीटर और कहीं 12 मीटर की मार्किंग किया जाना इस पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद और हास्यास्पद बनाता है । इससे स्पष्ट है कि यह एक सुनियोजित तरीके से लोगों को डराने और भय का वातावरण बनाने का प्रयास है । उन्होंने कहा कि बहुत से घर ऐसे हैं जिनकी गहराई 20 फीट होगी वहां तोड़फोड़ के लिए मार्किंग 08 मीटर की की गई है जिससे उसका पूरा घर और दुकान ही समाप्त हो जाएगा ।

इसी के विरोध में आज क्षेत्र के रहवासियों द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल को आमंत्रित कर नागरिकों ने अपनी पीड़ा और आशंकाओं से अवगत कराया। श्री अग्रवाल ने क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों के साथ हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की।

इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि इससे पूर्व भी चांदनी चौक से भाठागांव चौक तक अंतरराज्यीय बस स्टैंड मार्ग पर इसी प्रकार सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़फोड़ की मार्किंग की गई थी, जिसका कांग्रेस पार्टी और नागरिकों ने लगातार विरोध किया। परिणामस्वरूप बिना किसी घर या दुकान को तोड़े ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य संभव हुआ। उसी तर्ज पर वर्तमान मार्ग पर भी बिजली के खंभों को स्थानांतरित कर, पेड़ों का समुचित प्रबंधन कर सड़क चौड़ीकरण किया जा सकता है । उन्होंने स्पष्ट कहा कि 300–400 वर्गफुट में बने घरों और दुकानों को तोड़कर आम नागरिकों को उनके आशियाने और रोजी-रोटी से वंचित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह जनहित नहीं बल्कि जनविरोधी और अमानवीय सोच का परिचायक है।

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