फुंडहर चौक पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का हुआ अनावरण

रायपुर। फुंडहर चौक पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण हुआ, सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ निर्माता, भारत रत्न, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रायपुर के फुंडहर खेल मैदान से प्रदेशभर के 115 नवनिर्मित अटल परिसरों के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागी बना।
वो कल थे हृदय में, वो कल भी रहेंगे।
अटल जी 'अटल' थे, सदैव 'अटल' ही रहेंगे।।
प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण- 'अटल' विचारों को जन–जन तक पहुँचाने की सशक्त पहल। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के पावन अवसर पर रायपुर स्थित अटल एक्सप्रेस-वे, फुंडहर में अटल परिसर का भव्य लोकार्पण किया गया तथा प्रदेश के 114 अलग-अलग नगरीय क्षेत्रों में अटल परिसरों का वर्चुअल लोकार्पण संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ निर्माता श्रद्धेय अटल जी का जीवन सुशासन, राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की अमिट मिसाल है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर हमारी सरकार प्रदेशवासियों की प्रगति और खुशहाली के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है।
अटलजी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकहित के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।





