छत्तीसगढ़

नक्सलवाद के खात्मे पर कलाकारों में हर्ष

Nilmani Pal
1 April 2026 10:30 AM IST
नक्सलवाद के खात्मे पर कलाकारों में हर्ष
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भिलाई। नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में एक नए सुबह के आगमन पर सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन ने शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध की नयनाभिराम प्रतिमा बनाकर प्रसन्नता जाहिर की है। ललित कला अकादमी छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी, बी.एल. सोनी, रोहिणी पाटणकर, रंगकर्मी विजय शर्मा, तरुण धोटे, सुविख्यात मूर्तिकार मोहन बराल, मशहूर समाजसेवी प्रवीण कालमेघ, साहित्यकार मेनका वर्मा, मीना देवांगन, गुंजन शर्मा तथा अभिषेक सपन ने विगत 60 वर्षों से नासूर बन चुके माओवाद को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद दिया है।

ज्ञात हो कि ललित कला समूह छत्तीसगढ़ से जुड़े ये कलाकार लगभग 36 वर्षों से बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो आंदोलन चला रहे हैं। ताकि बच्चे हिंसा के रास्ते में न जाएं और सृजनशील बनकर देशविकास में अपना योगदान दें। इस आंदोलन से हजारों बच्चों को लाभ मिला है और वे माओवादी बनने से बचे हैं। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के ललित कला अकादमी में छत्तीसगढ़ से प्रथम बोर्ड मेंबर डॉ. अंकुश देवांगन ने इस कदम को मील का पत्थर निरुपित किया है।

उन्होंने कहा कि तीसरी आर्थिक शक्ति बनने जा रहे भारत के लिए नक्सलवाद का खात्मा प्रासंगिक है। वैसे भी भारत शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध का देश है जहां हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। वहीं चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी ने कहा है कि हम जब भी बस्तर के खतरनाक क्षेत्रों में जाते थे तब एक अनजाना डर हमेशा बना रहता था। लेकिन अब प्रसन्नता है कि हम खुशी खुशी छत्तीसगढ़ के हर जगह में बच्चों को कला सीखा पाएंगे। जिससे यहां के बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। समाजसेवी प्रवीण कालमेघ तथा छत्तीसगढ़ के समस्त कलाकार और बुद्धिजीवियों ने सरकार द्वारा देश को आंतरिक रूप से मजबूत करने पर आभार प्रकट किया है।

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