
नारायणपुर। परियोजना नारायणपूर के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र महिमागवाड़ी की एक प्रेरणादायक बदलाव की कहानी सामने आई है। यहाँ की निवासी बालिका आनंदी सलाम ने कुपोषण से सुपोषण की दिशा में एक सशक्त यात्रा पूरी की है।
आनंदी का जन्म कम वजन (सिर्फ 2 किलोग्राम) के साथ हुआ था। जन्म के बाद उसकी सेहत में लगातार गिरावट आने लगी। खून की कमी, कमजोरी, और वजन न बढ़ने जैसी समस्याओं से उसका जीवन प्रभावित हो रहा था। यह स्पष्ट रूप से कुपोषण का संकेत था, जिससे पूरा परिवार बेहद चिंतित था।
इस कठिन समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने समय पर हस्तक्षेप करते हुए पूरी जिम्मेदारी से कार्य किया। बच्ची की निगरानी, पोषण शिक्षा, रेडी-टू-ईट, भोजन, आयरन व विटामिन्स का सेवन और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दिया गया। परिवार ने भी पूरी जागरूकता और सहयोग के साथ इस प्रक्रिया में भाग लिया। अब आनंदी पूरी तरह स्वस्थ और सुपोषित है। वह अपनी उम्र के अनुसार वजन और स्वास्थ्य की श्रेणी में आ चुकी है और नियमित रूप से आंगनबाड़ी जा रही है।





