छत्तीसगढ़

अजय ओगरे ने सीएम साय से ट्रैक्टर छुड़वाने लगाई गुहार

Nil dhankar
22 July 2026 9:12 AM IST
अजय ओगरे ने सीएम साय से ट्रैक्टर छुड़वाने लगाई गुहार
x

पीड़ित ने वनमंडल अधिकारी पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप

वनग्राम में सभी ग्रामवासी डिपरा भूमि से पत्थर निकाल कर चलाते है आजीविका

महासमुंद। ग्राम सागरपाली महासमुंद के पीड़ित युवा बेरोजगार ने मुख्यमंत्री से गुहार लागई है कि मेरा ट्रैक्टर छुड़वाने की कृपा करेंगे। ताकि मेरा परिवार भूखे मरने से बच सके। मिड डे अखबार जनता से रिश्ता कार्यालय पहुंच कर पीड़ित अजय ओगरे ने अपने ट्रैक्टर छुड़वाने के लिए पांच साल चक्कर काटने की पूरी कहानी सुनाई । न्याय तो उसके साथ नहीं हुआ लेकिन पांच साल से कर्जदारों के साथ वन मंडल अधिकारी से प्रताड़ित होने के बाद भी आज तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई । संबंधित वन विभाग को ट्रैक्चर छुड़वाने लिखित शिकायत पत्रों का पुलिंदा जनता से रिश्ता कार्यालय में प्रस्तुत कर मदद करने की गुहार लगाई है।

इससे पहले अजय ओगरे पिता शिवनलाल ओगरे जाति सतनामी ग्राम करनपाली जिला महासमुंद विकासखंड बसना तहलीस बसना पोस्ट लम्बर थाना बसना चौकी भंवरपुर सराईपाली बसना के वन मंडल अधिकारियों व्दारा नेरा पावर ट्रेक ट्रैक्टर सोल्ड से 2020 में जीवकोपार्जन करने पत्थर लाद कर ले जा रहा था। तभी वन मंडल के अधिकारियों गौण खनिज चोरी का प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। मेरे जीवन में भरण पोषण का इस ट्रैक्टर के अलावा औऱ कोई दूसरा साधन नहीं है। मैं अजय ओगरे भूमिहीन बेरोजगार हूं, मेरे परिवार के भरणपोषण इसी ट्रैक्टर पर निर्भर है। मैं सीएम विष्णुदेव साय, वन मंत्री, वन मंडल अधिकारी से लिखित गुहार लगा लगा थक चुका हूं। पांच सालों में कोई कार्रवाई नहीं होने से मैं कर्ज के बोझ से दब चुका हूं। जो ट्रैक्टर वन विभाग में झूठे केस दर्ज कर जब्ती बनाया है उसके लिए मैंने कर्ज लिया था, वो बैंक के अधिकारी औऱ फाइनेंस से रिकवरी वाले परेशान कर रहे है, जिसके प्रताड़ना से मेरा परिवार संतापित है। सरकार से अपील है कि या तो मेरा ट्रैक्टर छुड़ा कर मुझे काम करने दे या फिर मुझे अजय ओगरे को फारेस्ट विभाग व्दारा गोली मरवा दे ताकि इस झमेले से मेरा परिवार मुक्त हो जाए। इससे पहले मैं नवा रायपुर स्थित अपर प्रधान वन संरक्षक से गुहार लगा चुका हूं तब शुजाउद्दीन सर ने महासमुंद के फारेस्ट अधिकारी को पत्र लिखा जिसमें पीड़ित की न्यायोचित मदद की बात कही थी। उसके बाद भी पिछले पांच साल से डीएफओ मयंक पांडे ने कोई सुनवाई नहीं की उल्टे जातिगत गाली देकर अपने कार्यालय से जबरदस्ती बाहर निकलवा दिया।

अजय ओगरे ने मुख्य़मंत्री विष्णुदेव साय़ को लिखे पत्र में कहा कि पूरे प्रदेश में आपसे सुशासन का डंका बज रहा है। मेरे साथ भी न्याय करने की कृपा करेंगे ताकि मेरा परिवार कर्ज से मुक्त हो सके। मेरे जीविकोपार्जन का एक मात्र माध्यम ट्रैक्टर है जिसे वन विभाग के अधिकारियों ने बलात पांच साल पहले जब्त कर मुझ पर झूठा पत्थर चोरी का आरोप लगाया कर ट्रैक्टर की जब्ती कर ली है तब से मेरे परिवार दर-ब-दर भूखे प्यासे खानाबदोश की जिदंगी जी रहा है। मुृख्यमंत्री जी आप हस्तक्षेप कर मेरा ट्रैक्टर छुड़वाने की कृपा करेंगे। जिससे मेरा परिवार भूखे मरने से बच जाएगा औऱ मैं दिनरात ट्रैक्टर चलाकर कर्ज चुकाने के लिए धन राशि एकत्रित कर्ज चुकाउंगा।

Next Story