छत्तीसगढ़
कांग्रेस के CM चेहरों पर अजय चंद्राकर का तंज, कहा- सपना देखने में क्या बुराई है
Shantanu Roy
23 Sept 2026 5:42 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों को लेकर चल रही चर्चा पर वरिष्ठ भाजपा विधायक और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल, प्रार्थना सभाओं से जुड़े विवाद और अमित जोगी की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चाओं पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। चंद्राकर के ये बयान राजनीतिक दावे और उनकी पार्टी का पक्ष हैं। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए फिर चार चेहरों के नाम की चर्चा पर चंद्राकर ने कहा, “सूत न कपास, जुलाहे से लट्ठम-लट्ठ।” उन्होंने आगे कहा कि सपना देखने में कोई बुराई नहीं है।
कांग्रेस के पिछले पांच साल के शासन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जिस तरह सरकार चलाई गई, उसके बाद प्रदेश की जनता कांग्रेस को दोबारा सत्ता में नहीं लाएगी। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं को लेकर “जले हुए कारतूस” वाली टिप्पणी भी की। चंद्राकर के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि चंद्राकर का बयान उनकी अपनी राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने भाजपा सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। इस तरह मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों की चर्चा पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रार्थना सभा के आवेदन पर उठाए सवाल
धमतरी सहित कुछ क्षेत्रों में प्रार्थना सभाओं में शामिल होने के लिए आवेदन दिए जाने की खबरों पर भी अजय चंद्राकर ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मिशनरियां कानून से बचने के लिए नए तरीके अपना रही हैं। यह चंद्राकर का आरोप है; संबंधित ईसाई पक्ष इन आरोपों से असहमति जताता रहा है। हालिया रिपोर्टों में धमतरी में बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की बात सामने आई है। चंद्राकर ने सवाल किया कि क्या किसी प्रार्थना सभा में जाने के लिए भी आवेदन देने की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चर्च, मंदिर या मजार जाता है तो क्या उसे इसके लिए आवेदन देना होगा। उन्होंने इस तरह की प्रक्रिया को हास्यास्पद बताया।
अमित जोगी की कांग्रेस में एंट्री की चर्चा पर भी प्रतिक्रिया
अमित जोगी की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर चंद्राकर ने कहा कि यदि अमित जोगी कांग्रेस में आते हैं तो इससे पार्टी के कई नेताओं की राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि अमित जोगी को लाने पर “बहुत लोगों की दुकान बंद” हो जाएगी और दावा किया कि इसी राजनीतिक भय के कारण उनकी वापसी को लेकर असमंजस हो सकता है। हालांकि अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी को लेकर अंतिम फैसला होने की पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक चर्चा और संभावना के तौर पर ही देखा जा रहा है। अजय चंद्राकर के बयानों के बाद कांग्रेस के संभावित मुख्यमंत्री चेहरों, प्रार्थना सभाओं और अमित जोगी की संभावित वापसी से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गए हैं। भाजपा और कांग्रेस की ओर से इन विषयों पर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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