छत्तीसगढ़
अवैध जैविक खाद फैक्ट्री पर कृषि विभाग का छापा, 2485 बोरी खाद जब्त
Shantanu Roy
12 July 2026 1:07 PM IST

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Rajnandgaon. राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में कृषि विभाग ने अवैध रूप से संचालित जैविक खाद निर्माण इकाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कातलवाही में संचालित ‘किसानमित्र स्वास्तिक ऑर्गेनिक प्रा. लि.’ की फैक्ट्री में छापा मारकर विभागीय टीम ने भारी मात्रा में खाद और निर्माण सामग्री जब्त की है। जांच के दौरान फैक्ट्री संचालक के पास खाद निर्माण और बिक्री के लिए जरूरी लाइसेंस व दस्तावेज नहीं पाए गए। इसके बाद विभाग ने पूरी यूनिट को सील कर दिया। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 2485 बोरी अवैध जैविक खाद जब्त की गई है। जब्त सामग्री में विभिन्न प्रकार के जैविक उर्वरक और कृषि उत्पाद शामिल हैं। विभाग ने खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोपनीय सूचना पर पहुंची कृषि विभाग की टीम
जिला कार्यालय को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने कातलवाही गांव स्थित खाद निर्माण इकाई का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई सहायक संचालक कृषि बीरेन्द्र कुमार अनंत की मौजूदगी में की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि यूनिट के प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल द्वारा बिना वैध प्रमाण पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) और आवश्यक दस्तावेजों के खाद निर्माण का कार्य किया जा रहा था। विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि खाद निर्माण और बिक्री के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति के खाद तैयार करना और बाजार में बेचना किसानों के हितों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
खाद की बोरियों पर नहीं थी जरूरी जानकारी
जांच के दौरान कृषि विभाग की टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में तैयार की जा रही खाद की बोरियों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं थीं। इसके अलावा निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। विभाग के अनुसार यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के प्रावधानों का उल्लंघन है। कृषि विभाग ने कहा कि खाद की गुणवत्ता से सीधे किसानों की फसल प्रभावित होती है। ऐसे में अवैध और अमानक खाद के निर्माण व बिक्री पर रोक लगाना जरूरी है।
ये सामग्री हुई जब्त
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग ने फैक्ट्री से कई प्रकार की खाद और कृषि सामग्री जब्त की। इनमें प्रमुख रूप से:
प्रोम
बायोचार
प्रिज्म चैंपियन
पीवीसीएसजी-5
सुपर ग्रेड एफ-ह्यूमेट
ह्यूमिक एसिड
कम्पोस्ट पाउडर
रॉक फास्फेट
व्हाइट क्ले बेन्टोनाइट
कुबेर बायो प्रोम
सहित कुल 2485 बोरी खाद और अन्य सामग्री जब्त की गई।
यूनिट सील, नमूने जांच के लिए भेजे गए
कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार किया और फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया। खाद की गुणवत्ता जांच के लिए दो सैंपल भी लिए गए हैं। विभाग ने बताया कि जांच पूरी होने तक जब्त सामग्री को फैक्ट्री संचालक जीवन लाल जंघेल की सुपुर्दगी में रखा गया है। यदि जांच में खाद अमानक या नियमों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हित में जारी रहेगी कार्रवाई
कृषि अधिकारियों ने कहा कि जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और कृषि सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। अवैध रूप से खाद निर्माण करने वाली इकाइयों और अमानक उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि खाद खरीदते समय पैकेट पर लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, निर्माण तिथि और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच जरूर करें, ताकि वे नकली या अमानक उत्पादों से बच सकें।
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