पिता के बाद अब मां के नेत्रदान कर राजपूत परिवार ने दी मिसाल

दुर्ग। ऋषभ ग्रीन सिटी, दुर्ग निवासी स्वर्गीय राही देवी राजपूत के निधन के पश्चात उनके परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान का प्रेरणादायी निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य के माध्यम से दो नेत्रहीनों को नई रोशनी और नया जीवन मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ ।
माताजी के निधन के उपरांत उनके पुत्र हेमंत राजपूत, आकाश राजपूत एवं सूरज राजपूत ने नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। नवदृष्टि फाउंडेशन के समन्वय से नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम के डॉ. श्रीया पंजवानी, डॉ. राहुल एवं नेत्रदान प्रभारी विवेक कसार द्वारा कॉर्निया का सफलतापूर्वक संकलन किया गया।
स्वर्गीय श्रीमती राही देवी राजपूत के पुत्र सूरज राजपूत ने कहा कि "आज माँ के जाने के बाद पूरा परिवार गहरे शोक में है, लेकिन यह संतोष है कि माँ की आँखों से अब दो लोग दुनिया देख सकेंगे। यही सोच हमारे परिवार को इस कठिन समय में आत्मिक शांति प्रदान कर रही है।" वहीं हेमंत राजपूत ने बताया कि "हमारे परिवार ने पूर्व में भी अपने पिता स्वर्गीय श्री बहादुर सिंह राजपूत के निधन के पश्चात उनके नेत्रदान का निर्णय लेकर दो लोगों के जीवन में उजाला करने का प्रयास किया था। आज माँ के नेत्रदान के माध्यम से भी हमने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।"
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य राजेश पारख ने बताया कि संस्था लगातार नेत्रदान, देहदान एवं रक्तदान के प्रति जनजागरूकता का कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब समाज में देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति नेत्रदान या देहदान के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहता है, वह 9827190500 अथवा 7389158082 पर संपर्क कर सकता है।





