छत्तीसगढ़

प्रशासक कराएगा प्रेस क्लब चुनाव, मनमानी पर लगी रोक

Nilmani Pal
18 Nov 2025 12:05 PM IST
प्रशासक कराएगा प्रेस क्लब चुनाव, मनमानी पर लगी रोक
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वाम, दाम और आम के बीच मुकाबला

रायपुर। प्रेस क्लब में चुनाव को लेकर चल रहा विवाद नए मोड़ पर पहुँच गया है। पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटीज़ ने नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं और चुनाव कराने की जिम्मेदारी प्रशासक को सौंप दी है। नए आदेश के अनुसार 17 फरवरी 2025 तक कार्यरत वैधानिक सदस्यों के बीच ही चुनाव होंगे। चुनाव प्रक्रिया के पालन के लिए रायपुर कलेक्टर को अधिकृत किया गया है।

कलेक्टर ने आदेश के बाद नवीन ठाकुर को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इससे प्रेस क्लब द्वारा पूर्व में नियुक्त किए गए चुनाव अधिकारी की कथित मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद है। नए चुनाव अधिकारी अब संशोधित चुनाव कार्यक्रम जारी करेंगे और वैधानिक मतदाता सूची की स्थिति स्पष्ट करेंगे।

अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर का कार्यकाल रहा विवादों में

मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल लगातार विवादों से घिरा रहा। संविधान संशोधन, सदस्यों के नाम काटने और नए सदस्यों को जोड़ने जैसे कदमों को लेकर कई शिकायतें रजिस्ट्रार तक पहुँचीं। इसी बीच अध्यक्ष और महासचिव के बीच आय–व्यय को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए। महासचिव ने अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर पर आर्थिक विवरण प्रस्तुत न करने का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्रार को पत्र लिखा था। कार्यकारिणी द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम में भी रजिस्ट्रार के आदेशों की अनदेखी की गई—न ही 60 दिनों के भीतर चुनाव की तिथि तय की गई और न ही आय–व्यय का ब्योरा जारी किया गया। इसलिए अब पंजीयक को नया आदेश जारी करना पड़ा है।

नियम विरुद्ध नाम जोड़ने पर बढ़ा विवाद

प्रेस क्लब में सदस्यों की संख्या 787 थी। लेकिन मौजूदा कार्यकारिणी ने लगभग 125 नाम बिना आपत्तियों का निराकरण किए हटाए, साथ ही कार्यकाल समाप्त होने के 5 महीने बाद तक नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी रखी। यह सिलसिला अक्टूबर तक चलता रहा, जो विवाद का मुख्य कारण बना। यह सारी प्रक्रिया चुनावी लाभ के लिए की गई जिससे चुनावी समीकरण पर सीधा असर पड़ा। इन अनियमितताओं को रोकने के लिए ही रजिस्ट्रार ने कलेक्टर के माध्यम से चुनाव कराने का आदेश दिया है। वाम, दाम और आम में दिलचस्प मुकाबला रजिस्ट्रार के आदेश के बाद भले ही चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई है, लेकिन अब तक हुए नामांकन से मुकाबला काफ़ी रोचक हो गया है। अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रमुख चेहरे मैदान में हैं। मौजूदा अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर अपने वामपंथी रुख के कारण पहले से ही चर्चा में हैं।

दूसरी ओर, एक बड़े एडवर्टाइजमेंट ग्रुप ने पहली बार अपना पैनल उतारकर चुनाव में भारी और हाईटेक कैंपेन शुरू किया है, जिससे मुकाबला और महंगा हो गया है। तीसरे पक्ष से पूरे मामले की लड़ाई लड़ने वाले मैदान में हैं, जिन्होंने नियमों के उल्लंघन के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाई और जिन्हें आम पत्रकारों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। इसी वजह से प्रेस क्लब के गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि इस बार मुकाबला वाम, दाम और आम के बीच होने वाला है।

0 इस संबंध में निवृत्तमान उपाध्याक्ष ने कहा कि हमारी कार्यकारिणी चुनाव कराने में 6 दिन विलंबित रही जिसे प्रशासन नहीं मान रही, चुनाव के नए आदे दे दिए । अब जैसा भी होगा इसी पर चुनाव होगा, रहा सवाल पुराने सदस्यों की नाम काटने का तो गलती तो हुई है उसे सुधारा जाएगा यदि हमारी पेनल आता है तो उस गलती को सुधारेंगे और ससम्मान सदस्या देंगे। रहा सवाल नए का तो यदि उनका नामकाटा गया तो वो कोर्ट जा चुके है। औऱ कुछ जाने वाले है। -निवृत्तमान उपाध्याक्ष संदीप शुक्ला

0प्रेस क्लब चुनाव को लेकर अब प्रशासक ही निर्णय लेंगे, यही चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी कि नहीं फैसला प्रशासन को करना है । -निवृत्तमान अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ।

0 प्रेसक्लब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आसिफ इकबाल को उनका पक्ष जानने फोन लगाया गया पर उन्होंने कोई रिपांस नहीं दिया न ही फोन उठाया ।

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