छत्तीसगढ़

बाल विवाह पर समय रहते प्रशासन ने की कार्यवाही, टीम ने रुकवाया विवाह

Shantanu Roy
26 April 2026 11:16 PM IST
बाल विवाह पर समय रहते प्रशासन ने की कार्यवाही, टीम ने रुकवाया विवाह
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छग
Kanker. कांकेर। भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत तुएगहन, थाना कोरर क्षेत्र में प्रस्तावित एक बाल विवाह को जिला प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते रोक दिया गया। यह विवाह 30 अप्रैल से आयोजित होने वाला था, लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई से इसे सफलतापूर्वक टाल दिया गया। जानकारी के अनुसार जिला बाल संरक्षण इकाई को इस मामले की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद इसे गंभीरता से लेते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देश पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई और थाना कोरर पुलिस स्टाफ शामिल रहे।

संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और विवाह से संबंधित स्थिति की जांच शुरू की। इस दौरान ग्राम पंचायत पंडरीपानी के सरपंच, उपसरपंच, पटेल और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मौके पर उपस्थित रहे। टीम ने लड़के और लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की, जिसमें पाया गया कि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम है, जो कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार अवैध है। इसके बाद टीम ने दोनों पक्षों के माता-पिता और परिजनों को समझाइश दी तथा उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इससे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होता है।

समझाइश के बाद परिवार के सदस्यों ने सहमति पत्र और पंचनामा पर हस्ताक्षर करते हुए यह आश्वासन दिया कि वे बाल विवाह नहीं करेंगे। इसके बाद प्रस्तावित विवाह को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बाल विवाह टल गया और एक कानूनी उल्लंघन को रोका जा सका। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को सूचित करें।
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