छत्तीसगढ़
5 साल की बालिका से किया रेप, आरोपी को मिली उम्रकैद की सजा
Shantanu Roy
26 Sept 2026 9:42 PM IST

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Durg. दुर्ग। पांच वर्षीय बालिका से लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो, दुर्ग ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास सहित विभिन्न सजाओं से दंडित किया है। न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं में आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में कुल 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।
मामला थाना उतई क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को करीब साढ़े चार से पांच वर्ष की बालिका से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना मिली थी। सूचना के बाद थाना उतई में अपराध दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई। घटना स्थल कुंआंपारा, बंजारीपारा, उतई क्षेत्र बताया गया है। प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और 25 अप्रैल 2026 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो, दुर्ग में हुई। न्यायिक अभिलेख के अनुसार, प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(v) के तहत अभियोजन किया गया। विशेष न्यायालय पॉक्सो, दुर्ग ने उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक अभिलेख के आधार पर 25 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषसिद्ध किया। इसके बाद 26 सितंबर 2026 को न्यायालय ने सजा संबंधी आदेश पारित किया।
न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपी को विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास के साथ 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं सुनाई गईं। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 13 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी निर्धारित की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में समयबद्ध तरीके से विवेचना पूरी कर आरोपी की गिरफ्तारी की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर सुनवाई पूरी हुई।
मामले की विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक नेवई भारती मरकाम द्वारा की गई। विवेचना और वैधानिक कार्रवाई में निरीक्षक महेश ध्रुव, तत्कालीन थाना प्रभारी उतई, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, तत्कालीन थाना उतई सहित थाना उतई और रक्षित केंद्र दुर्ग के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण की न्यायालय में पैरवी विशेष लोक अभियोजक रूपवती तेलीदार ने की। पुलिस के अनुसार, विवेचना पूरी करने के बाद समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई और आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने यह भी अपील की है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रकरण से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक न किया जाए। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचना देकर आवश्यक सहयोग किया जाए।
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