छत्तीसगढ़

चपरासी की नौकरी का झांसा देकर 5 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
13 Sept 2026 10:15 PM IST
चपरासी की नौकरी का झांसा देकर 5 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये लेने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 2018 का है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली थी, लेकिन न तो नौकरी लगवाई और न ही रकम वापस की। मामले की विवेचना के दौरान बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन से संबंधित वीडियो और लोन के दस्तावेज जुटाए गए। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शमीम खान को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर
न्यायिक रिमांड
पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक डाक बंगला पुरैना निवासी डी. सत्य साईं, उम्र 36 वर्ष, ने 17 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि शमीम खान ने संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था।
दो लोगों से लिए थे कुल 5 लाख रुपये
आरोप है कि शमीम खान ने डी. सत्य साईं और उनके परिचित सी.एच. बैकुंठ राव को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले दोनों से अलग-अलग माध्यम से रकम प्राप्त की गई। दोनों से ली गई कुल राशि 5 लाख रुपये बताई गई है। रकम देने के बाद दोनों को उम्मीद थी कि उन्हें बताए गए अनुसार नौकरी मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार नौकरी नहीं लगने के बावजूद आरोपी ने प्राप्त राशि भी वापस नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया।
बैंक स्टेटमेंट समेत कई साक्ष्य जुटाए
पुरानी भिलाई पुलिस ने प्रकरण की विवेचना के दौरान आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला। प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत यूनियन बैंक के बैंक स्टेटमेंट को जब्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया। इसके अलावा कथित लेनदेन से संबंधित वीडियो वाली पेन ड्राइव और लोन से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस ने जब्त किए। पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आरोपी की भूमिका की जांच की। पुलिस के मुताबिक विवेचना में आरोपी की संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा राशि लेने की बात स्वीकार करने का दावा पुलिस ने किया है।
13 सितंबर को हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी शमीम खान निवासी गुरुघासीदास वार्ड क्रमांक 44, कसारीडीह, दुर्ग को 13 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन से संबंधित वीडियो वाली पेन ड्राइव और लोन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।
ऐसे दिया गया नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक आरोपी का तरीका सरकारी कार्यालय में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर लोगों से रकम लेना था। इस मामले में संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर शिकायतकर्ता और उसके परिचित से कुल 5 लाख रुपये लेने का आरोप है। नौकरी नहीं मिलने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। यह प्रकरण पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से संबंधित है। वर्ष 2018 में दर्ज मामले में दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित साक्ष्यों को जुटाने के बाद पुलिस ने लंबित आरोपी की गिरफ्तारी की है।
नौकरी के नाम पर पैसे देने से बचें
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील भी की है। पुलिस ने कहा है कि सरकारी या निजी संस्थान में नौकरी दिलाने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया और दावे की सत्यता की जांच जरूर करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे की मांग करता है या संदिग्ध तरीके से नियुक्ति कराने का भरोसा देता है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों में सतर्क रहने और नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने की अपील की है।
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