छत्तीसगढ़
50 लाख एडवांस लेकर इकरारशुदा मकान दूसरे को बेचा, आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
27 Aug 2026 6:04 PM IST

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Durg. दुर्ग। सुपेला थाना क्षेत्र में मकान बेचने का इकरार करने के बाद खरीदारों से 50 लाख रुपये एडवांस लेने और उसी मकान को बाद में किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मकान का सौदा 55 लाख रुपये में किया था और आवेदकगण से 50 लाख रुपये एडवांस के रूप में प्राप्त किए थे। इसके बाद पूर्व में किए गए इकरार के बावजूद उसी संपत्ति को दूसरे व्यक्ति के पक्ष में बेच दिया गया। पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी इन्द्रजीत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेज दिया है। मामला प्लाट नंबर 08, ब्लॉक नंबर 23, वार्ड क्रमांक 25, जवाहर नगर आवासीय योजना, सुपेला स्थित मकान से जुड़ा है। आरोपी के खिलाफ थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1253/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और विवेचना में सामने आई अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
55 लाख रुपये में हुआ था मकान का सौदा
पुलिस के अनुसार, सुंदर लाल पटेल, श्रीनिवास मिश्रा, छत्रपति सिंह और शिवशंकर यादव ने सुपेला थाने में आवेदन देकर शिकायत की थी। आवेदन में बताया गया कि उन्होंने आरोपी इन्द्रजीत सिंह से जवाहर नगर आवासीय योजना स्थित मकान खरीदने का सौदा 26 नवंबर 2024 को किया था। मकान की कुल कीमत 55 लाख रुपये तय की गई थी। सौदे के अनुसार खरीदारों ने 26 और 27 नवंबर 2024 को कुल नौ चेक के माध्यम से आरोपी को 50 लाख रुपये एडवांस के रूप में भुगतान किए। भुगतान के बाद 28 नवंबर 2024 को 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर नोटराइज्ड विक्रय इकरारनामा भी निष्पादित किया गया था। खरीदारों के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि इकरारनामे के मुताबिक मकान का विक्रय पूरा कर संपत्ति उनके नाम कर दी जाएगी। हालांकि बाद में उन्हें पता चला कि आरोपी ने उसी संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में बेच दिया है।
44.26 लाख रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेच दिया मकान
आवेदन की जांच के दौरान पुलिस के सामने महत्वपूर्ण जानकारी आई। जांच में पता चला कि आरोपी इन्द्रजीत सिंह ने पूर्व में 50 लाख रुपये एडवांस लेने और मकान के विक्रय का इकरार करने के बावजूद 17 अप्रैल 2026 को उसी मकान को विशाल सिंह नामक व्यक्ति को 44 लाख 26 हजार रुपये में बेच दिया। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी ने मूल विक्रय विलेख के संबंध में 3 अक्टूबर 2025 को थाना छावनी में उसके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
इकरारनामा सहित दस्तावेज जब्त
सुपेला पुलिस ने शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खरीदारों के कब्जे से मूल नोटराइज्ड विक्रय इकरारनामा जब्त किया गया। इसके अलावा भुगतान से जुड़े दस्तावेज और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए। पुलिस ने संपत्ति के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की।
रकम फैक्ट्री में निवेश करने की बात कही
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी इन्द्रजीत सिंह ने शिकायतकर्ताओं से 50 लाख रुपये प्राप्त करने और बाद में उक्त संपत्ति को दूसरे व्यक्ति को बेचने की बात स्वीकार की। आरोपी ने पुलिस को बताया कि खरीदारों से प्राप्त रकम को उसने ग्राम हथखोज स्थित अपनी लोहे के बोल्ट और लोहे की कील निर्माण फैक्ट्री में निवेश किया था। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपी का मेमोरेण्डम कथन दर्ज किया। मामले में उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले।
आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने इन्द्रजीत सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी इन्द्रजीत सिंह की उम्र 41 वर्ष है और वह कैलाश नगर, प्लाट नंबर 1596/02, मोहनी मंगलम् के पास, थाना जामुल, जिला दुर्ग का निवासी बताया गया है। पुलिस ने मामले में मूल नोटराइज्ड विक्रय इकरारनामा समेत अन्य दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए हैं।
इस तरह किया गया संपत्ति का सौदा
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी ने पहले 55 लाख रुपये में मकान बेचने का इकरार किया। इसके बाद खरीदारों से 50 लाख रुपये एडवांस के तौर पर प्राप्त किए गए और विक्रय इकरारनामा निष्पादित किया गया। आरोप है कि इसके बाद पूर्व इकरार की शर्तों के विपरीत उसी मकान को दूसरे व्यक्ति के पक्ष में बेच दिया गया। पुलिस अब मामले में सामने आए सभी दस्तावेजों और संपत्ति के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि जमीन, मकान या अन्य अचल संपत्ति खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, मूल दस्तावेजों और पूर्व में किए गए किसी विक्रय या इकरार की विधिवत जांच जरूर करें। बड़ी रकम के लेन-देन में भुगतान का रिकॉर्ड और सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। पुलिस ने कहा कि किसी संपत्ति के संबंध में धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक प्रदीप सिंह और संतोष निर्मलकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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