छत्तीसगढ़

रेबीज से युवक की मौत, अस्पताल ने दी जानकारी- 7 माह पहले कुत्ते ने काटा था

Shantanu Roy
3 Aug 2025 8:29 PM IST
रेबीज से युवक की मौत, अस्पताल ने दी जानकारी- 7 माह पहले कुत्ते ने काटा था
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Raipur. रायपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में रेबीज से पीड़ित 38 वर्षीय मरीज संतोष ध्रुव की मौत हो गई। बिलासपुर जिले के पंडरिया तखतपुर निवासी इस युवक को 31 जुलाई की रात को गंभीर लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले को लेकर विस्तृत जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में साझा की है।

घातक लापरवाही – कुत्ते के काटने के बाद नहीं लिया वैक्सीन
जानकारी के अनुसार सात महीने पहले संतोष ध्रुव को एक कुत्ते ने काटा था। इसके बावजूद उसने चिकित्सकीय सलाह लेने के बजाय घरेलू उपचार पर भरोसा किया और एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाया। समय बीतने के साथ उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 31 जुलाई को उसमें पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया), चिड़चिड़ापन और आक्रामक व्यवहार जैसे रेबीज इंसेफेलाइटिस के लक्षण दिखे, तब उसे अंबेडकर अस्पताल लाया गया।

आइसोलेशन से बाहर मिला मरीज, नहीं हो सकी जांच
2 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे नर्सिंग स्टाफ को सूचना मिली कि संतोष आइसोलेशन वार्ड से लापता है। खोजने पर वह कोविड वार्ड के पास बैठा मिला। उसके चेहरे पर चोट और पैरों में दर्द की शिकायत थी। मरीज उस समय परिजनों से सामान्य बातचीत कर रहा था। चोट की गंभीरता देखते हुए उसे ENT, ऑर्थोपेडिक और सर्जरी विभाग में दिखाने के निर्देश दिए गए और CT स्कैन की भी योजना बनाई गई। लेकिन जैसे-जैसे रेबीज का असर बढ़ा, मरीज अत्यधिक आक्रामक हो गया और कोई भी जांच संभव नहीं हो सकी। उसे दोबारा आइसोलेशन में शिफ्ट किया गया, जहां 2 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे उसकी मौत हो गई।

मेडिको लीगल प्रक्रिया में लिया गया मामला
मरीज के वार्ड से बाहर मिलने और घायल होने के कारण यह मामला मेडिको लीगल श्रेणी में लिया गया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को रेबीज प्रोटोकॉल के तहत मर्चुरी में शिफ्ट किया गया। 3 अगस्त को पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम टीम को एहतियात के तौर पर रेबीज वैक्सीनेशन भी कराया गया है।

अस्पताल प्रशासन का स्पष्टीकरण
अस्पताल ने प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि मरीज को लेकर सभी मेडिकल औपचारिकताएं पूरी की गईं। परिजनों को किसी प्रकार की जानकारी से वंचित नहीं किया गया और मामले के हर पहलू को पारदर्शी रूप से हैंडल किया गया। अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि जानवरों के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लें और समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि रेबीज जैसी बीमारी में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। उचित समय पर वैक्सीनेशन से इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है।
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