छत्तीसगढ़
कमिश्नरी व्यवस्था में न्यायालयीन सख़्ती की दमदार शुरुआत
Shantanu Roy
16 Feb 2026 8:04 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद सेंट्रल जोन अंतर्गत न्यायालयीन कार्यवाही का प्रभावी और सख़्त आगाज़ देखने को मिला। प्रथम दिवस पर सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) ने कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में त्वरित कदम उठाए। अधिकारियों की सक्रियता और समयबद्ध कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया कि कमिश्नरेट प्रणाली के तहत अब विधिसम्मत प्रक्रिया और सख़्ती को प्राथमिकता दी जा रही है।
डीसीपी सेंट्रल जोन के मार्गदर्शन में एसीपी कोतवाली एवं एसीपी सिविल लाइन कोर्ट में विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसी क्रम में एसीपी कोतवाली द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 एवं 135(3) के अंतर्गत एक प्रकरण में दो अनावेदकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जेल वारंट तैयार किए गए। साथ ही दोनों अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस विधिवत तामील कराए गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और त्वरितता सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त एसीपी कोतवाली ने धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत पांच अलग-अलग प्रकरणों में कुल 13 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस एवं समन जारी किए। कमिश्नरी व्यवस्था के तहत इन सभी नोटिस और समन की तामील त्वरित रूप से कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि समयबद्ध तामील से न्यायालयीन कार्यवाही की प्रभावशीलता बढ़ती है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब से बचा जा सकता है।
वहीं एसीपी सिविल लाइन द्वारा भी लोक शांति भंग होने की आशंका के दृष्टिगत धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत छह अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इन सभी नोटिसों की तामील निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित की गई। न्यायालयीन प्रक्रिया के प्रथम दिवस पर ही इस प्रकार की सख़्त और संगठित कार्रवाई को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कमिश्नरेट व्यवस्था के अंतर्गत की गई इस न्यायालयीन कार्यवाही से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव, झगड़ा अथवा लोक शांति भंग करने जैसी गतिविधियों के प्रति अब शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कमिश्नरी प्रणाली का उद्देश्य न केवल अपराध नियंत्रण है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को सुदृढ़ करना भी है। प्रथम दिवस पर हुई त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई ने संकेत दिया है कि रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और सख़्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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