छत्तीसगढ़

सहायक उपकरण की आस में आए पिता को मिली बेटे के बेहतर भविष्य की राह

Shantanu Roy
22 Sept 2026 3:08 PM IST
सहायक उपकरण की आस में आए पिता को मिली बेटे के बेहतर भविष्य की राह
x
छग
Baloda Bazar-Bhatapara. बलौदाबाज़ार-भाटापारा। अपने 10 वर्षीय बहुदिव्यांग बेटे के लिए सहायक उपकरण की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे ग्राम कुकदा निवासी शेष नारायण धृतलहरे को यहां अपने बेटे के बेहतर भविष्य की नई राह मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दिव्यांगजन शिविर में समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सिनीवाली गोयल ने शेष नारायण की विस्तार से काउंसलिंग की और उन्हें बेटे के विशेष शिक्षण-प्रशिक्षण एवं उपचार के लिए उपलब्ध शासकीय सुविधाओं की जानकारी दी।
शेष नारायण अपने बेटे कौशिक धृतलहरे को लेकर शिविर पहुंचे थे। कौशिक बहुदिव्यांग बालक है। शेष नारायण की चिंता केवल सहायक उपकरण तक सीमित नहीं थी, वे अपने बेटे के बेहतर शिक्षण-प्रशिक्षण और भविष्य को लेकर भी चिंतित थे। काउंसलिंग के दौरान उन्हें बताया गया कि रायपुर के माना कैंप स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित बहुदिव्यांग केंद्र में दिव्यांग बच्चों की देखभाल के साथ विशेष शिक्षण-प्रशिक्षण एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
शेष नारायण ने बताया कि उनके तीन बच्चे सामान्य हैं और एक बेटा दिव्यांग है। बेटे की विशेष देखभाल के कारण उन्हें काफी समय उसकी जरूरतों में देना पड़ता था, जिससे वे अपने अन्य बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते थे। अब उन्हें उम्मीद है कि माना कैंप रायपुर में बेटे को आवश्यक उपचार, विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को वहां जरूर लेकर जाएंगे, ताकि उसका जीवन बेहतर हो सके और वह आगे बढ़ सके।
योजनाओं के साथ मार्गदर्शन भी
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दिव्यांगजन शिविरों में हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार काउंसलिंग भी की जा रही है। शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों और उनके परिजनों की अधिकारियों तक सीधी पहुंच बन रही है। इससे उन्हें केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं मिल रही, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध उपचार, शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की जानकारी भी मिल रही है।
Next Story