फर्जी छापेमारी की गई महापौर के घर के सामने, संदिग्ध की तलाश में पुलिस

पुलिस अधिकारी का बयान
धमतरी। धमतरी शहर में बुधवार को शाम उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के जाने-माने पैथोलॉजिस्ट डॉ. दिलीप राठौर के घर सात संदिग्ध लोग आयकर विभाग के अधिकारी बनकर घुस गए। बिना किसी नोटिस, पहचान-पत्र या आधिकारिक दस्तावेज़ दिखाए ये सभी करीब एक घंटे तक घर में तलाशी लेते रहे। अलमारी से लेकर जेवरात और निजी कागज़ात तक खंगालने के बाद संदिग्ध बिना किसी जब्ती की सूची या कार्रवाई का विवरण छोड़े चुपचाप लौट गए। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
ये वारदात धमतरी की जानी मानी विवेकानंद कॉलोनी में हुई है, जहां ठीक सामने शहर के महापौर का निवास भी स्थित है। ऐसे सुरक्षित इलाके में बिना अनुमति, बिना डर और बिना पहचान बताए संदिग्धों का इस तरह घुसकर तलाशी लेना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है कि बुधवार शाम करीब सात लोग सफेद डिज़ायर कार से राठौर दंपति के घर पहुंचे। जैसे ही मुख्य दरवाज़ा खुला, उन्होंने खुद को इनकम टैक्स ऑफिसर बताकर घर में घुसे और छापेमारी के नाम से पूरे परिवार को डराया। घर के अंदर प्रवेश करते ही सभी ने अलग-अलग कमरों में जाकर अलमारियाँ, दस्तावेज़, गहने सहित कई चीज़ों की खोजबीन की। तलाशी पूरी लगभग एक घंटे से अधिक चली। इसके बावजूद न कोई नोटिस दिया गया, न ही कोई अधिकारी पहचान-पत्र दिखाया गया। ये बात इस पूरी घटना को और भी संदिग्ध बनाती है।





