छत्तीसगढ़
भारत पेट्रोलियम की संपत्ति पर कब्जा, तोड़फोड़ व धमकी देने का मामला दर्ज
Shantanu Roy
14 Sept 2025 8:10 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। आरंग क्षेत्र के युवराज फिलिंग स्टेशन में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर तोड़फोड़, धमकी और मार्ग अवरोध की गंभीर घटना सामने आई है। राज्य समन्वयक नंदीश वधावन ने थाना आरंग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि दिनांक 14 दिसंबर 2024 को अशोक सोनवानी, अभिषेक सोनवानी और दिलीप सोनवानी ने जबरन पेट्रोल पंप पर कब्जा कर मार्ग अवरुद्ध किया, कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और अधिकारियों व कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। यह पेट्रोल पंप ग्राम आरंग में भारत पेट्रोलियम की 24,000 वर्गफुट भूमि पर स्थापित है। प्रारंभ में यह स्टेशन युवराज सिंह सोनवानी को 1997 में संचालन हेतु प्रदान किया गया था। वे वर्षों तक इसे संचालित करते रहे, लेकिन 2022 में संचालन का पुनर्गठन किया गया और कामता सोनवानी को नया डीलर नियुक्त किया गया। इसके बावजूद अशोक, अभिषेक और दिलीप सोनवानी ने 23 जून 2024 से पंप पर अवैध कब्जा कर लिया।
कंपनी की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, किन्तु अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई। नंदीश वधावन ने आवेदन में बताया कि 12 दिसंबर 2024 को कंपनी के अधिकृत अधिकारियों ने तहसीलदार और थाना प्रभारी की उपस्थिति में पंप का भौतिक कब्जा ले लिया और ताले तोड़कर संचालन बहाल किया। अशोक, अभिषेक और दिलीप सोनवानी ने भरोसा दिलाया कि वे पुनः अवरोध नहीं करेंगे। लेकिन उसी दिन शाम करीब 4 बजे उन्होंने कर्मचारियों को धमकाकर कहा कि यह सब उनका है और कोई भी यहाँ आया तो उसे मारपीट कर भगा देंगे। साथ ही, पेट्रोल पंप में आग लगाने और अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी गई। पंप में लगे विद्युत मीटर व उपकरणों को नुकसान पहुँचाया गया और कार्यालय में जबरन घुसकर निवास करने लगे।
भारत पेट्रोलियम के कार्यालय में लगभग 5,400 लीटर पेट्रोल और 9,000 लीटर डीजल मौजूद है, जो अत्यंत ज्वलनशील और संवेदनशील सामग्री है। ऐसे में सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। कंपनी ने थाना आरंग में आवेदन देकर धारा 329(3), 126(2), 324(4), 296, 351(2) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भारत पेट्रोलियम ने कहा कि पूर्व में भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, तोड़फोड़ और धमकी पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षा के लिए खतरा है और इस पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानून सम्मत कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
थाना आरंग के प्रभारी और तहसीलदार ने भौतिक कब्जा दिलाने में सहयोग किया। इसके बाद कंपनी की ओर से स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई। अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंप की सुरक्षा और आम जनता की जान-माल की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले ने एक बार फिर अवैध कब्जों और व्यापारिक संपत्ति पर दबंगई के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से उम्मीद है कि दोषियों पर कठोर कार्यवाही होगी और भविष्य में ऐसे घटनाक्रमों पर रोक लगाई जाएगी। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को इस तरह की घटनाओं की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। भारत पेट्रोलियम ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से विशेष निगरानी की मांग की है ताकि पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील सामग्री की सुरक्षा बनी रहे। इस घटनाक्रम ने पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षा, व्यापारिक संपत्ति पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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