
भिलाई। साइकिलिस्ट ग्लोबल वारियर अभियान के अंतर्गत मरोदा सेक्टर में छोटे छोटे बच्चों ने साईकिल रैली निकालकर जनजागरूकता जगाई। ग्लोबल वार्मिंग दूर करने साइकिल चलाना जरूरी है जिससे आर्थिक बचत तो होती ही है स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है छोटे बच्चों ने यह बड़ा संदेश दिया है। साईकिल रैली के दौरान महाराष्ट्र नागपुर शहर से आए मनोज देवांगन और कुमारी अंशुल ने भी इन छोटे नौनिहालों के साथ सहभागिता निभाई और छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे इस वैश्विक अभियान को वर्तमान समय में अनिवार्य बताया।
ललित कला अकादमी, नई दिल्ली में राज्य से प्रथम बोर्ड मेम्बर और कार्यक्रम संयोजक डा. अंकुश देवांगन ने कहा कि तेजी से विकसित बन रहा भारत पूरी दुनिया को सही रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरू के रूप में पथप्रदर्शक रहा है और वही ग्लोबल वार्मिंग से धरती को बचाएगा। ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह ही सांसद विजय बघेल ने भी साईकिल चलाकर लोगों को प्रेरित किया था कि दुनिया को प्रदूषण से बचाने के लिए साईकिल चलाना आवश्यक है। उन्होंने लोगो का आव्हान किया है कि साईकिल चलाने के लिए श्रम करें शर्म नहीं। इस अभियान में भिलाई के अनेक कलाकार, समाजसेवी, स्पोर्ट्समेन और छात्र-छात्राएं स्वस्फूर्त अपना योगदान दे रहे हैं। सभी का मानना है कि पूरी दुनिया मे प्रति सोमवार साईकिल डे मनाया जाना चाहिए तभी भविष्य सुधर सकता है।
प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस.विद्यार्थी, बी.एल. सोनी एवं विजय शर्मा ने सभी लोगो से कहा है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए साईकिल जरूर चलाएं वहीं प्रकाश बंछोर ने अपनी स्वस्थता का राज साईकिल को ही बताया है। वरिष्ठ रंगकर्मी भानूजी राव, साहित्यकार पी.वाल्सन, प्रशांत क्षीरसागर, वीरेन्द्र पटनायक ने कहा कि साईकिल चालक को हेय दृष्टि से न देखकर उसे एक वैश्विक पर्सनैलिटी का दर्जा दिलाना ही हमारे अभियान का उद्देश्य है। भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रसिद्ध चित्रकार भूपत राव बोरकर और रेल्वे के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार अशोक देवांगन ने कहा कि इस अभियान का व्यापक असर पड़ रहा है और लोग नया साईकिल खरीद रहे हैं ताकि अपने हिस्से का प्रदूषण दूर कर सकें। लेह से लद्दाख तक साईकिल चलाने वाले प्रवीण कालमेघ ने भी बताया कि वे साईकिल चलाना बंद कर चुके थे किंतु इस अभियान से उन्हें नया जोश मिला है। आचार्य महेश चंद्र शर्मा, खैरागढ़ विश्वविद्यालय से प्रोफेसर कपिल वर्मा, सात समंदर पार अमेरिका से चित्रकार कमलेश सक्सेना, साहित्यकार मेनका वर्मा, मीना देवांगन, ललेश्वरी साहू, अभिषेक सपन, धीरज साहू, यश दलवी, कांता देवी, पी.एल.जेना तथा पर्यावरण मित्र बालूराम वर्मा जैसे सैकड़ो लोग इस अभियान का निरंतर मदद और मार्गदर्शन कर रहे हैं।





