छत्तीसगढ़

51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, EPFO फैसले पर मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

Shantanu Roy
16 Sept 2026 9:46 PM IST
51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, EPFO फैसले पर मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार
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New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले को देश के करोड़ों कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि EPFO के अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को 15 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में बड़ा बदलाव है।
51 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ की उम्मीद
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस निर्णय से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे कामगार परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उनके भविष्य को मजबूत आधार मिलेगा।
श्रमिक कल्याण को बढ़ावा देने वाला कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फैसले देश के श्रमिक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। EPFO कवरेज का विस्तार होने से अधिक संख्या में कर्मचारियों को भविष्य निधि और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने इस निर्णय को श्रमिक कल्याण और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया।
प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कामगारों के हित में लिए जा रहे फैसलों से श्रमिकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर जोर
EPFO के माध्यम से कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं मिलती हैं। वेतन सीमा बढ़ने से ऐसे कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी जो इन योजनाओं का लाभ लेने के पात्र होंगे। सरकार के इस निर्णय को संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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