छत्तीसगढ़

दुर्ग जिले में 45 नर्सरी अब प्ले स्कूल में हो जाएंगे तब्दील

Nilmani Pal
23 Nov 2025 11:19 AM IST
दुर्ग जिले में 45 नर्सरी अब प्ले स्कूल में हो जाएंगे तब्दील
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दुर्ग। जिले के 45 नर्सरी स्कूल अब प्ले स्कूल के रूप में तब्दील होंगे. इन स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग से मान्यता लेना अनिवार्य किया गया है. स्कूल संचालन के तीन महीने के भीतर मान्यता के लिए आवेदन करना होगा.छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्ले स्कूल एक्ट भेजा है. 3 साल से कम उम्र के बच्चे यहां दाखिला नहीं ले सकेंगे. इस उम्र के बच्चों का प्रवेश पर मनाही की गई है. राज्य में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक के निजी स्कूलों को संचालन के लिए शिक्षा विभाग से मान्यता लेनी पड़ती है, लेकिन प्ले स्कूलों यानी नर्सरी के लिए कोई नियम नहीं है. हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर जनहित याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए एक्ट बनाने के लिए छग स्कूल शिक्षा विभाग को आदेशित किया गया है.

प्री-प्राइमरी स्कूल (प्ले स्कूल) को संचालित करने का नियम छत्तीसगढ़ प्रदेश में नहीं था. दुर्ग जिले में लोग अपने घरों तक में नर्सरी स्कूल संचालित कर रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा 95 प्रतिशत नर्सरी स्कूल टिवनिसटी में संचालित हैं. खासकर सेक्टर एरिया में और न ही खेल मैदान . गाइड लाइन जारी होने के ये स्कूल खूब फल-फूल रहे हैं. न हवादार कमरे हैं बाद कितने नर्सरी स्कूल गाइड लाइन में खरे उतरते हैं यह मान्यता के लिए आवेदन करने के बाद जांच से खुलासा होगा.

रूम हवादार होना चाहिए प्ले स्कूल के भवन को लेकर भी गाइड लाइन जारी किए गए हैं. जिसमें हर क्लास रूप हवादार होना चाहिए. बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, बच्चों के लिए रेस्ट रूम, साफ पीने का पानी, सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए. खेल क्षेत्र, अग्निशमन यंत्र, बाउंड्रीवाल, मेडिकल सुविधा, स्वच्छता की सुविधा जैसे साबुन, डस्टबीन, वाशबेसिन होना चाहिए. स्कूल का समय 3 से 4 घंटे का होगा.

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