छत्तीसगढ़

बीज निगम घोटाले में 4 करोड़ कैश और 10 किलों चांदी की ईंटें जब्त, छापेमारी पर रायपुर ED का बयान

Nilmani Pal
6 Sept 2025 4:44 PM IST
बीज निगम घोटाले में 4 करोड़ कैश और 10 किलों चांदी की ईंटें जब्त, छापेमारी पर रायपुर ED का बयान
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाला केस में ED ने 4 करोड़ रुपए नकद और 10 किलो चांदी की ईंटें बरामद की हैं। इसके साथ ही कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ED को इन दस्तावेजों में भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।

रायपुर जोनल ऑफिस की ED टीम ने 3 और 4 सितंबर को राज्यभर में 28 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। ED की अलग-अलग टीमें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई और गरियाबंद में दबिश दी थी। ED के मुताबिक 2 दिनों तक चली जांच में ठेकेदारों, वेंडर्स और लाइजनरों के दफ्तरों और आवासों को खंगाला गया। ये सभी आरोपी छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से जुड़े हुए हैं। ED के मुताबिक DMF घोटाले की परतें इन्हीं नेटवर्क के जरिए खुल रही हैं।

ED के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई FIR के आधार पर शुरू की है, जिसे छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज की थी। इन FIR में ठेकेदारों, वेंडर्स और सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाए गए थे। खनन प्रभावित इलाकों के लिए बनी DMF राशि का दुरुपयोग किया गया। साथ ही इसे घोटाले में बदल दिया गया। जांच में सामने आया कि बीज निगम के जरिए DMF की करोड़ों की राशि खर्च दिखाकर हेरफेर किया गया। वेंडर्स और ठेकेदारों को कृषि उपकरण, पल्वराइज़र, मिनी दाल मिल और बीज सप्लाई करने के नाम पर ठेके दिए गए।

इन ठेकों पर 40 से 60% तक कमीशन वसूला गया, जिसे लाइजनरों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाया जाता था। ED के मुताबिक सिर्फ इसी प्रक्रिया में करीब 350 करोड़ रुपए की DMF राशि के दुरुपयोग का अंदेशा है।


ED ने मोक्षित कॉर्पोरेशन की पोर्शे और मर्सिडीज जब्त की

प्रवर्तन निदेशालय अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की गहराई से जांच कर रहा है। जिन संपत्तियों और गाड़ियों को अब तक सीज किया गया है, वे सभी आरोपियों के भ्रष्टाचार से जुड़ी आय को इंगित करती हैं। ED का मानना है कि घोटाले से हुई कमाई को अलग-अलग शेल कंपनियों और पार्टनरशिप फर्मों के जरिए घुमाकर इस्तेमाल किया गया। मोक्षित कॉर्पोरेशन इसका बड़ा उदाहरण है। CGMSC घोटाला सामने आने के बाद से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल मच गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाए। ED की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह घोटाला और भी बड़े खुलासे करेगा। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। शनिवार को रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने पोर्शे केयेन कूप और मर्सिडीज-बेंज जैसी दो लग्जरी गाड़ियां जब्त कर लीं। ये गाड़ियां मोक्षित कॉर्पोरेशन के नाम पर पंजीकृत हैं, जो घोटाले के मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा और उनके पिता शांतिलाल चोपड़ा की पार्टनरशिप फर्म है।
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