छत्तीसगढ़

UPI फ्रॉड से खाते से उड़े 2.61 लाख रुपए, बड़ी साइबर ठगी का मामला

Shantanu Roy
6 Jun 2026 10:00 PM IST
UPI फ्रॉड से खाते से उड़े 2.61 लाख रुपए, बड़ी साइबर ठगी का मामला
x
छग
Bhilai. भिलाई। भिलाई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 2 लाख 61 हजार 825 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब उसने एक होटल में मामूली भुगतान करने के बाद अपने खाते का बैलेंस चेक किया। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बैकुंठ नगर कैंप-2 निवासी राजेश विश्वकर्मा (46) ने छावनी थाना में
शिकायत दर्ज
कराई है। उन्होंने बताया कि उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 14 मई से 18 मई के बीच अज्ञात व्यक्ति द्वारा यूपीआई माध्यम से कई लेनदेन किए गए। इन ट्रांजेक्शनों के जरिए अलग-अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 18 मई की शाम वह पावर हाउस स्थित एक होटल में गए थे। वहां उन्होंने यूपीआई के जरिए 60 रुपये का भुगतान किया। भुगतान के बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते का बैलेंस देखा तो खाते में अपेक्षा से काफी कम राशि दिखाई दी। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर खाते से 70 हजार रुपये कटने का संदेश भी प्राप्त हुआ। लगातार खाते से रकम निकलने के मैसेज मिलने के बाद राजेश विश्वकर्मा ने अपने बैंक खाते की पूरी जांच की। जांच में पता चला कि उनके खाते से कुल 2 लाख 61 हजार 825 रुपये विभिन्न ट्रांजेक्शनों के माध्यम से निकाल लिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन लेनदेन की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी को इसकी अनुमति दी थी। मामले का खुलासा होने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और इसे साइबर धोखाधड़ी का मामला मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई है। साइबर सेल की टीम भी मामले की तकनीकी जांच में जुटी हुई है। डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, बैंकिंग डाटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में बैंक खाते और यूपीआई से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने खाते तक पहुंच कैसे बनाई और किस माध्यम से ट्रांजेक्शन किए गए। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और संबंधित बैंकिंग संस्थाओं से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सकेगी।
Tagsभिलाईसाइबर ठगीयूपीआई फ्रॉडबैंक ऑफ बड़ौदाराजेश विश्वकर्माऑनलाइन धोखाधड़ीडिजिटल ट्रांजेक्शनसाइबर सेलछावनी थानाबीएनएसBhilaiCyber ​​fraudUPI fraudBank of BarodaRajesh VishwakarmaOnline fraudDigital transactionCyber ​​CellCantonment Police StationBNSछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story