छत्तीसगढ़

फ्लाईऐश परिवहन के नाम पर 21 लाख की ठगी

Nil dhankar
22 Nov 2025 11:53 AM IST
फ्लाईऐश परिवहन के नाम पर 21 लाख की ठगी
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रायगढ़. फ्लाइऐश परिवहन के नाम पर 21 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है. कृष्णा विहार कॉलोनी के रहने वाले विनोद अग्रवाल 58 ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वो उर्दना चौक में तिरुपति रोड कैरियर के नाम से ट्रांसपोर्ट कार्यालय का संचालन करते हैं. जहां से आसपास के क्षेत्रों में कोयला व फ्लाइऐश का परिवहन का काम किया जाता है. उसके नाम से 3 और उसके बेटे रजत और परख अग्रवाल के नाम से 15 ट्रेलर शिवान वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संचालित हैं. विनोद अग्रवाल का राजपूत इंटरप्राइज झारसुगड़ा के संचालक मंजय सिंह से व्यापारिक परिचय है.

इसी क्रम में मंजय सिंह 16 दिसबंर 2024 को ढिमरापुर चौक स्थित इनके ऑफिस में आया और बताया कि उसे एनटीपीसी दर्रीपाली से पत्थलगांव तक के लिए फ्लाइऐश पाटने का ठेका रेफेक्स इंडस्ट्रीज से मिला है. ऐसे में 950 रुपए मिट्रिक टन के दर से भाड़ा तय करने के बाद 18 ट्रेलर वाहन को चालक के साथ दर्रीपाली ओड़शिा रवाना किया गया था. मंजय सिंह 29 दिसंबर 2024 से 10 जनवरी 2025 तक विनोद अग्रवाल के सभी वाहनों से दर्रीपाली ओडिशा से पत्थलगांव तक नियमित फ्लाइऐश का परिवहन किया. जिसका कुल 45 भाड़ा पर्ची उसके कंपनी में जमा किया गया था.

इसके आधार पर राजपूत इंटरप्राइजेस ने 21 लाख 9 हजार 927 रुपए का भाड़ा बनाकर दिया गया. ऐसे में वह भुगतान विनोद अग्रवाल के बैंक खाते के माध्यम से करने कहा गया, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी मंजय सिंह रकम भुगतान करने में टालमटोल करता रहा. बाद में मंजय सिंह ने 22 अगस्त को स्वयं के झारसुगड़ा की आईडीबीआई बैंक शाखा से चेक से 10 लाख फिर 3 सितंबर को 9 लाख 18 हजार 732 रुपए और 1 लाख 91 हजार 194 रुपए का चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया. चेक बाउंस होने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में इसकी शिकायत की. पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है.

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