स्कूलों में आज पूछे गए 20 सवाल, बच्चों की पढ़ाई में सुधार की दिशा में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान

नारायणपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत जिले के सभी 605 स्कूलों में विद्यार्थियों का आंकलन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत बच्चों से 20 सवाल पूछे गए, जिनके उत्तर के आधार पर उनका मूल्यांकन किया गया। प्राप्त अंकों के अनुसार छात्रों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में विभाजित किया गया। सभी आंकड़े ऑनलाइन दर्ज कर राज्य कार्यालय को भेजे गए, जिससे जिले में शिक्षा की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
आंकलन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए संबंधित स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक नोडल नहीं थे। इसके स्थान पर अन्य स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों को नोडल बनाया गया था। आंकलन प्रक्रिया एफएलएन (थ्वनदकंजपवदंस स्पजमतंबल ंदक छनउमतंबल) पर आधारित रही, जिसके माध्यम से छात्रों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की दक्षता का परीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन संचालक (समग्र शिक्षा) प्रतिष्ठा ममगाईं द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति में अध्यक्ष के रूप में आकांक्षा शिक्षा खलखो (सीईओ, जिला पंचायत), सदस्य डॉ. राजेन्द्र सिंह (सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग), गीरिश भास्कर (प्राचार्य, डाईट), गुडला भवानीशंकर रेड्डी (जिला मिशन समन्वयक) एवं सदस्य सचिव अशोक कुमार पटेल (जिला शिक्षा अधिकारी) शामिल रहे।
’जनप्रतिनिधि और पालक भी बने सहभागी’
आज जिलेभर में हुए इस आंकलन कार्यक्रम में शाला प्रबंधन विकास समिति, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और पालक सक्रिय रूप से शामिल हुए। उनके समक्ष विद्यार्थियों का आंकलन किया गया और तत्पश्चात स्कूलों की ग्रेडिंग की गई। यह अभियान जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला साबित होगा, जिससे भविष्य में शिक्षण व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सकेगी।





