छत्तीसगढ़

पिकअप में भरे मिले सागौन के 17 लट्ठे, लकड़ी और वाहन जब्त

Shantanu Roy
14 Sept 2026 3:26 PM IST
पिकअप में भरे मिले सागौन के 17 लट्ठे, लकड़ी और वाहन जब्त
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Bilaspur. बिलासपुर। वन क्षेत्र से सागौन की लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने रतनपुर वन परिक्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। तड़के करीब तीन बजे गश्त और निगरानी के दौरान वन अमले ने एक बोलेरो पिकअप को रोककर तलाशी ली। वाहन से सागौन के 17 लट्ठे बरामद किए गए हैं। विभाग ने लकड़ी के साथ परिवहन में इस्तेमाल पिकअप को भी जब्त कर लिया है। जब्त लकड़ी और वाहन की कुल अनुमानित कीमत 4 लाख 28 हजार रुपये से अधिक बताई गई है। जानकारी के मुताबिक कार्रवाई रतनपुर वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 2528 पीएफ परिसर बांसाझाल के ग्राम बिरगहनी क्षेत्र में की गई। वन विभाग की टीम रात में क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जंगल के रास्ते एक संदिग्ध बोलेरो पिकअप क्रमांक CG 10 AY 9034 गुजरती दिखाई दी।
वनकर्मियों ने संदेह के आधार पर वाहन को रुकवाया और उसकी जांच की। विभाग के अनुसार तलाशी के दौरान पिकअप में बड़ी मात्रा में सागौन के लट्ठे रखे मिले। लकड़ी के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद वन अमले ने वाहन और उसमें रखी लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग द्वारा की गई नपाई में वाहन से बरामद सागौन के 17 लट्ठों की कुल मात्रा 1.452 घनमीटर पाई गई। विभाग ने इनकी अनुमानित बाजार कीमत 78 हजार 651 रुपये आंकी है। वहीं सागौन के परिवहन में इस्तेमाल बोलेरो पिकअप की कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह पूरे मामले में कुल जब्ती का मूल्य लगभग 4 लाख 28 हजार 651 रुपये है।
वन विभाग के मुताबिक मामले की प्रारंभिक जांच में रतनखण्डी निवासी दिलीप कुमार पटेल की कथित संलिप्तता सामने आई है। विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि सागौन की लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही इस गतिविधि में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। विभाग ने प्रकरण में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क) और 52 के साथ छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 तथा छत्तीसगढ़ अभिवहन गमन (वनोपज) नियम 2001 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है।
जब्त वाहन को राजसात करने की प्रक्रिया के लिए प्रकरण उप वनमंडलाधिकारी बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मामले में जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक और वनमंडलाधिकारी बिलासपुर के निर्देश पर की गई। वन विभाग के मुताबिक बीएफओ मनोज कुमार पैकरा और बांसाझाल परिसर के वनकर्मियों की टीम ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और लकड़ी के परिवहन को रोकने के लिए रात में निगरानी बढ़ाने की बात कही है। संवेदनशील रास्तों और वन क्षेत्रों में गश्त के साथ संदिग्ध वाहनों की जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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