छत्तीसगढ़

उड़ीसा प्रिंट वाली उर्वरक की 11 बोरी जब्त, कृषि विभाग की औचक कार्रवाई

Shantanu Roy
27 Jun 2026 7:58 PM IST
उड़ीसा प्रिंट वाली उर्वरक की 11 बोरी जब्त, कृषि विभाग की औचक कार्रवाई
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Mahasamund. महासमुंद। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानक के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयना बाहरा स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें उड़ीसा प्रिंट वाली पीआरओएम उर्वरक की 11 बोरी जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर तथा कृषि उपसंचालक एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में की गई। निरीक्षण टीम में कृषि विभाग की एसडीओ गणेश्वरी बंजारे और उर्वरक निरीक्षक जितेंद्र चंद्राकर शामिल रहे। टीम ने वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया, जहां उर्वरक भंडारण और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के दौरान प्रतिष्ठान में कुल 11 बोरी उर्वरक पाई गई, जिसका वजन लगभग 550 किलोग्राम बताया गया है। इन बोरियों पर उड़ीसा राज्य के सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (ओडिशा) का प्रिंट अंकित पाया गया, जिसके आधार पर विभाग ने इसे संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि उर्वरक की आपूर्ति और भंडारण से संबंधित नियमों का पालन ठीक से नहीं किया गया था। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों को सही गुणवत्ता और मानक के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता, मिलावट या अवैध भंडारण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है और आगे भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे।

कृषि उपसंचालक एफ.आर. कश्यप ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है या गलत ब्रांडिंग/राज्य प्रिंट वाले उर्वरक पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग का उद्देश्य किसानों को समय पर और शुद्ध गुणवत्ता वाला उर्वरक उपलब्ध कराना है ताकि फसल उत्पादन पर कोई असर न पड़े। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य उर्वरक विक्रेताओं में भी हड़कंप की स्थिति देखी गई। विभाग ने सभी विक्रय केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल अधिकृत और प्रमाणित उर्वरक का ही भंडारण एवं बिक्री करें। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को कृषि विभाग की सख्ती और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किसानों ने भी उम्मीद जताई है कि इस तरह की कार्रवाइयों से बाजार में गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होगा और उन्हें सही उत्पाद मिल सकेगा।
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