बिहार

वायरल ट्रेंड बना आफत: मरीन ड्राइव पर पौधों को पहुंचा रहे नुकसान

Saba Naaz
26 Jun 2026 3:38 PM IST
वायरल ट्रेंड बना आफत: मरीन ड्राइव पर पौधों को पहुंचा रहे नुकसान
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पटना: बिहार की राजधानी पटना का मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) इन दिनों अपनी अभूतपूर्व खूबसूरती के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए पहली पसंद बना हुआ है। सड़क के किनारे खिले गुलाबी और उजले रंग-बिरंगे फूल इस मार्ग की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। सुबह और शाम के वक्त यहाँ हजारों की संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुकून के पल बिताने पहुँच रहे हैं। लेकिन, यही आकर्षण अब मरीन ड्राइव की हरियाली के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। सोशल मीडिया पर रील बनाने और सेल्फी लेने के बढ़ते चस्के के कारण लोग यहाँ लगे खूबसूरत फूलों और पौधों को बेरहमी से नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे शहर की इस आधुनिक पहचान पर संकट मंडराने लगा है।

बेहतर फोटो की चाहत में तोड़ी जा रही हैं टहनियां

मरीन ड्राइव पर इन दिनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और रील्स बनाने वालों का हुड़दंग साफ देखा जा सकता है। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने की होड़ में लोग नियमों और नागरिक जिम्मेदारियों को ताक पर रख रहे हैं। खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो बैकग्राउंड तैयार करने के लिए लोग पौधों के बेहद करीब चले जाते हैं और फूलों को तोड़ लेते हैं। कई मामलों में तो लोग बेहतर कैमरे एंगल के लिए पौधों की पूरी टहनियां तक तोड़ दे रहे हैं। रील बनाने के बाद इन फूलों को वहीं सड़क पर फेंक दिया जाता है या लोग इन्हें अपने साथ घर ले जा रहे हैं। इस घोर लापरवाही के कारण कई पौधे पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं और मरीन ड्राइव की प्राकृतिक छटा धीरे-धीरे फीकी पड़ रही है।

सार्वजनिक संपत्ति और पर्यावरण संरक्षण को पहुँच रही चोट

नगर विकास विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए ये पौधे केवल मरीन ड्राइव को सजाने के लिए नहीं हैं। ये गंगा नदी के किनारे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण को नियंत्रित करने और शहर की हरियाली (ग्रीन कवर) को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पौधों को नुकसान पहुँचाना और फूल तोड़ना न सिर्फ नागरिक अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का गंभीर मामला है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो आने वाले कुछ ही महीनों में मरीन ड्राइव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती खो देगा।

प्रशासन से कड़े कदम उठाने और ड्रोन निगरानी की मांग

मरीन ड्राइव की इस बदहाली को देखकर स्थानीय वॉकर्स और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और पटना नगर निगम से मांग की है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा गार्डों की तैनाती बढ़ाई जाए और फूल तोड़ने व पौधों को नुकसान पहुँचाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। इसके साथ ही, हुड़दंगियों पर लगाम कसने के लिए संवेदनशील स्पॉट पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने की भी बात कही जा रही है। लोगों का मानना है कि जब तक कुछ लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस वायरल ट्रेंड के भूत को शांत नहीं किया जा सकता।

'धरोहर आपकी है, इसे उजाड़ें नहीं' — नागरिकों से अपील

प्रशासन के साथ-साथ यह पूरी जिम्मेदारी पटना के नागरिकों की भी है। मरीन ड्राइव किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे बिहार की एक शानदार धरोहर और पर्यटन स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे मरीन ड्राइव की ठंडी हवाओं और प्रकृति का आनंद लें, तस्वीरें खींचें, वीडियो बनाएं, लेकिन पौधों को नुकसान न पहुँचाएँ। आपकी एक छोटी सी जिम्मेदारी और जागरूकता इस मरीन ड्राइव को आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उतना ही खूबसूरत और हरा-भरा बनाए रख सकती है।

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