
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों का जानलेवा कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के कोतवाली और कांके थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कचहरी रोड पर गुरुवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने सुनने वाले हर शख्स की रूह कपा दी। कचहरी रोड स्थित राम मंदिर के समीप एक बेहद तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) पुलिसकर्मी नवलकिशोर पासवान (66) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी और कुचलते हुए निकल गई। इस हृदयविदारक दुर्घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नवलकिशोर पासवान मिशन गली, कचहरी रोड के रहने वाले थे और झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच से सेवानिवृत्त हुए थे। इस घटना की सबसे मर्मांतक बात यह है कि महज 21 दिन पहले ही उनके बड़े बेटे का निधन हुआ था, जिसके सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब पिता की मौत से पूरा परिवार पूरी तरह बिखर गया है।
सब्जी लेकर लौट रहे थे घर, पीछे से काल बनकर आई बस
कांके थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नवलकिशोर पासवान गुरुवार सुबह करीब सात बजे सीएमपीडीआई (CMPDI) के पास से घरेलू सब्जी खरीदकर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह कचहरी रोड पर राम मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से काल बनकर आ रही एक तेज रफ्तार बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: JH-01BG-3476) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर लगते ही नवलकिशोर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बस चालक ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए वाहन को रोकने या ब्रेक लगाने की बजाय, उन्हें बेरहमी से कुचल दिया और गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर खून से लथपथ बुजुर्ग को देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने विभिन्न रास्तों पर नाकेबंदी कर बस का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे जब्त कर लिया, हालांकि चालक गाड़ी छोड़कर भागने में सफल रहा।
21 दिनों के भीतर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला गहरा जख्म दिया है। परिजनों के मुताबिक, अभी ठीक 21 दिन पहले यानी 4 जून को नवलकिशोर पासवान के बड़े बेटे मनीष कुमार (38) की अचानक तबीयत खराब होने के कारण अकाल मृत्यु हो गई थी। जवान बेटे को खोने के गम में पूरा परिवार दिन-रात आंसू बहा रहा था। खुद नवलकिशोर पासवान अपने बेटे की मौत के बाद से मानसिक रूप से बेहद व्यथित और गुमसुम रहते थे। अभी बेटे का श्राद्ध कर्म और उससे जुड़ा सन्नाटा घर से पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि पिता की इस तरह दर्दनाक मौत ने परिजनों को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। घर में अब केवल चीख-पुकार और कोहराम मचा हुआ है।
बस मालिक की हुई पहचान, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) अस्पताल भेज दिया है। मृतक के छोटे बेटे सुशांत कुमार ने कांके थाने में अज्ञात बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और हत्या का मामला दर्ज कराया है। प्रशासनिक जांच में पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त बस डोरंडा के पारस टोली निवासी मोहम्मद अदल के नाम पर पंजीकृत (रजिस्टर्ड) है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की दुकानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हादसे का सटीक कारण स्पष्ट हो सके। अधिकारियों का दावा है कि फरार चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हादसे के बाद फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा, सड़क सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस वीभत्स हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी सड़क पर उतर आए, जिससे कुछ समय के लिए कचहरी रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। उग्र लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नागरिकों का आरोप है कि सुबह के समय इस मार्ग पर स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर के कर्मचारी और आम राहगीर बड़ी संख्या में चलते हैं, लेकिन इसके बावजूद भारी कमर्शियल बसें और ट्रक बेहद लापरवाही और तय सीमा से अधिक रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कचहरी रोड जैसे व्यस्ततम इलाकों में नियमित ट्रैफिक चेकिंग की जाए, भारी वाहनों की नो-एंट्री का कड़ाई से पालन हो और स्पीड गवर्नर अनिवार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और का सुहाग या पिता ऐसे सड़क तंत्र की भेंट न चढ़े।





