बिहार

हेडमास्टर का घूस लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Saba Naaz
27 Jun 2026 3:37 PM IST
हेडमास्टर का घूस लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
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समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत उच्च विद्यालय पुरुषोत्तमपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इंटरमीडिएट (कक्षा 11वीं) में नामांकन (Admission) कराने पहुंचे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर अवैध वसूली और मनमाना शुल्क वसूलने का गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर अवैध लेनदेन की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

छुट्टी के दिन स्कूल खोलकर नामांकन करने का आरोप

घटना के संबंध में छात्रों और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि २६ जून को मुहर्रम का आधिकारिक अवकाश होने के बावजूद विद्यालय को विशेष रूप से खोला गया था। इसी दौरान जब कुछ छात्र अपना नामांकन कराने स्कूल पहुंचे, तो उनसे निर्धारित सरकारी शुल्क से कहीं अधिक राशि की मांग की गई। जब छात्रों ने इस अतिरिक्त और मोटी रकम का विरोध किया, तो प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) जयप्रकाश कुमार और छात्रों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई। छात्रों का यह भी सनसनीखेज दावा है कि अवैध राशि को छिपाने के लिए कुछ छात्रों से ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) कराया गया, जिसका खाता कथित तौर पर प्रधानाध्यापक की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। विवाद को बढ़ता देख और खुद को घिरता पाकर प्रधानाध्यापक अपने कार्यालय (ऑफिस) में ताला बंद कर चुपके से वहां से निकल गए। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

१० से १२ हजार रुपये तक वसूलने का खेल!

ग्रामीणों और पीड़ित छात्रों ने स्कूल प्रशासन पर भेदभाव और भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इंटर में नामांकन के नाम पर प्रति छात्र १०,००० से लेकर १२,००0 रुपये तक की अवैध मांग की जा रही है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है: "जो छात्र प्रधानाध्यापक की मांग के अनुसार अतिरिक्त मोटी रकम देने में सक्षम हैं, उनका नामांकन बिना किसी अड़चन के तुरंत कर लिया जाता है। वहीं दूसरी ओर, जो गरीब छात्र केवल सरकारी और वैध शुल्क देने की बात करते हैं, उन्हें 'सीट फुल हो गई है' या 'सीट नहीं है' का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है और परेशान किया जाता है।" स्कूल की इस मनमानी कार्यप्रणाली पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी मोर्चा खोल दिया है। वार्ड सदस्य पुतुल देवी, श्रवण कुमार सिंह, शशिभूषण कुमार, गजेंद्र सिंह और विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस लूट-खसोट के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया है। मोरवा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) संजय कुमार ने बताया कि उन्हें इस पूरे विवाद और हंगामे की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। पूरे प्रकरण की बिंदुवार प्रशासनिक जांच कराई जाएगी और यदि प्रधानाध्यापक या स्कूल के किसी भी कर्मी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता या अवैध वसूली के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके विरुद्ध विभागीय नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, बीईओ ने कहा कि प्रखंड के अन्य सभी उच्च विद्यालयों में भी चल रही नामांकन प्रक्रिया की विशेष निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी गरीब छात्र का हक न मारा जा सके।

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