
पटना: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राजद नेता तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास में हुई कथित लाखों की चोरी का मामला अब एक बेहद गंभीर और हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद में तब्दील हो चुका है। इस केस के मुख्य गवाह और तेजप्रताप यादव के ड्राइवर अनिल कुमार यादव ने अपने पूरे परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दूसरी तरफ, आरोपी बनाए गए तेजप्रताप के पूर्व निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय की पत्नी ने भी पलटवार करते हुए तेजप्रताप यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में क्रॉस प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पटना पुलिस के लिए अब यह पूरा मामला एक पहेली बन गया है, जिसकी जांच दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर की जा रही है।
‘गवाही दी तो पूरे परिवार को उठवा लेंगे’ - ड्राइवर का आरोप
तेजप्रताप के ड्राइवर अनिल कुमार यादव और उनकी पत्नी रंजू देवी ने गर्दनीबाग थाने में लिखित आवेदन देकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, शुक्रवार की देर रात जब अनिल कुमार यादव तेजप्रताप के आवास पर ड्यूटी पर थे, तब उनकी पत्नी घर में अकेली थीं। इसी दौरान आरोपी मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती, उनके ससुर और साली अनिल के घर धमक पड़े। शिकायत पत्र के मुताबिक: "आरोपियों ने रंजू देवी के साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि सीधे तौर पर धमकी दी कि यदि अनिल ने पुलिस या कोर्ट के सामने चोरी के मामले में गवाही दी, तो अंजाम बेहद बुरा होगा।" आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोधियों ने ‘आकाश यादव’ नामक एक रसूखदार व्यक्ति के नाम का हवाला देते हुए पूरे परिवार को गायब करवा देने (उठवा लेने) की धमकी दी है। सहमे हुए पीड़ित परिवार ने पटना पुलिस से तत्काल सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
क्या है मुख्य विवाद? 20 लाख कैश और आईफोन चोरी का आरोप
इस पूरे सियासी और कानूनी घमासान की शुरुआत तब हुई जब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई। तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि उनके पूर्व पीए मोतीलाल राय ने २२ जून की रात उनके सरकारी आवास की बाउंड्री फांदकर एक बड़ा बैग चुराया और फरार हो गए। इस घटना को उनके ड्राइवर अनिल कुमार और एक अन्य सहयोगी ने अपनी आंखों से देखा था।
तेजप्रताप यादव द्वारा पुलिस को सौंपी गई सूची के अनुसार, चोरी गए सामानों में शामिल हैं:
पार्टी फंड के करीब २० लाख रुपये नकद
दो तोला सोने की चेन और एक सोने की अंगूठी
चार iPhone 17 Pro Max मोबाइल फोन
एक मैकबुक, एक आईपैड और एक लेनोवो लैपटॉप
चार पेन ड्राइव और दो एक्सटर्नल हार्ड डिस्क
पूर्व PA की पत्नी का पलटवार: तेजप्रताप पर लगाए गंभीर आरोप
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब आरोपी मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने अगमकुआं थाने में तेजप्रताप यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज करा दिया। प्रीति भारती का दावा है कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर हैं और उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
प्रीति भारती ने आरोप लगाया कि कथित घटना वाले दिन रात ८ बजे तक उनके पति मोतीलाल खुद तेजप्रताप यादव के साथ ही मौजूद थे और उन्होंने तेजप्रताप के ही मोबाइल फोन से अपनी पत्नी को वीडियो कॉल भी किया था। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि तेजप्रताप के ड्राइवर और कुछ अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे थे। उन लोगों ने खुद को ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) का अधिकारी बताकर जबरन घर की तलाशी ली और प्रीति को एक कमरे में बंद कर दिया। प्रीति भारती ने अपने दावों को सच साबित करने के लिए पुलिस को अपने घर की सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) भी सौंपी है और पुलिस से अपने लापता पति को सकुशल ढूंढने की मांग की है।
जांच में जुटी पटना पुलिस
एक तरफ जहां तेजप्रताप यादव का खेमा अपने पूर्व पीए पर चोरी और गवाहों को धमकाने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व पीए का परिवार तेजप्रताप पर शक्तियों के दुरुपयोग और डराने-धमकाने का आरोप मढ़ रहा है। पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दोनों थानों (सचिवालय और अगमकुआं) की पुलिस टीमें आपसी समन्वय के साथ सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की तकनीकी जांच कर रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।





