
Bihar: मधुबनी जिले के झंझारपुर कोर्ट ने एक बेहद सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपियों ने एक व्यक्ति की हत्या कर उसके सिर और पैर काट दिए थे और शव को बोरे में बंद कर नहर में फेंक दिया था। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तृतीय अनिल कुमार राम की अदालत ने सत्रवाद संख्या-233/2024 में सुनाया। कोर्ट ने घोघरडीहा निवासी प्रकाश मिश्रा उर्फ लादेन और रहिका थाना क्षेत्र के सप्ता चौथाई टोल निवासी किशोरी यादव उर्फ किशोर कुमार यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। इसके साथ ही धारा 120बी और 34 के तहत भी दोनों को समान सजा और जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले की शुरुआत 12 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब मृतक अमित कुमार यादव की मां सीता देवी ने फुलपरास थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को आरोपी भोज में ले जाने के बहाने अपने साथ ले गए थे। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन अगले दिन धनौजा-बहुअरवा नहर से एक बोरे में बंद सिर और पैर कटा शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान अमित कुमार यादव के रूप में की गई।
इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। मामले में अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा ने सरकार की ओर से पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपियों की ओर से दलीलें रखीं।
न्यायालय ने पीड़ित परिवार को राहत देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मधुबनी को निर्देश दिया है कि बिहार विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम 2014 के तहत मृतक की पत्नी कंचन कुमारी को नियमानुसार मुआवजा राशि दी जाए। कोर्ट के इस फैसले को पीड़ित पक्ष ने न्याय की जीत बताया है। स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में सख्त सजा से समाज में अपराध पर रोक लगेगी और कानून के प्रति भरोसा मजबूत होगा।





