
Bihar बिहार: जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) रोहतास की ओर से शनिवार को ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (VB-G RAM G)’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन और नई योजनाओं की जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाना था।
कार्यशाला में प्रखंड स्तर के कर्मियों, पंचायत रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों, कनीय अभियंताओं और लेखापालों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को नए अधिनियम-2025 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस नए अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को रोजगार की गारंटी देना है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को साल में 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
इसके साथ ही योजना के अंतर्गत कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी विशेष जोर दिया गया है, जिससे लाभार्थियों को केवल अस्थायी रोजगार ही नहीं बल्कि स्थायी आजीविका के अवसर भी मिल सकें। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल ग्रामीण लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस मिशन को लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करना है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, लाभार्थियों के चयन के मानदंड और फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों के समाधान के बारे में भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि इस योजना की सफलता में पंचायत स्तर के कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे ही जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करते हैं और लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाते हैं।
कार्यशाला में डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि सभी कार्यों की निगरानी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
इसके अलावा, रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण विकास तभी संभव है जब महिलाओं को भी बराबरी का अवसर मिले।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला में पूछे गए सवालों के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया और योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझाव भी दिए।
DRDA अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह कार्यशाला ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी।





