
Bihar बिहार: पटना में दस सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कहां शिफ्ट होंगी, इस पर राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर तेज हो गया है। बंगला खाली करने की निर्धारित समय सीमा सोमवार को समाप्त हो रही है, जिसके बाद उनके नए आवास को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सरकार की ओर से आवंटित 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास में शिफ्ट नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस विकल्प को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दस सर्कुलर रोड स्थित बंगला लंबे समय से राबड़ी देवी का आवास रहा है, जहां से उनके परिवार की राजनीतिक गतिविधियां भी संचालित होती रही हैं। अब इस बंगले को खाली किए जाने के बाद उनके अगले ठिकाने को लेकर राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार, संभावना यह भी जताई जा रही है कि राबड़ी देवी अपने पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास में शिफ्ट हो सकती हैं। हालांकि इस पर भी परिवार की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल आवासीय निर्णय नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक संदेश भी निकाला जा रहा है। बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव परिवार का यह आवास हमेशा से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यहां से कई राजनीतिक रणनीतियां तय होती रही हैं।
सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। बंगले के हैंडओवर और संबंधित औपचारिकताओं को लेकर तैयारी की जा रही है। वहीं, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी संबंधित विभाग सक्रिय है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली होने के बाद वहां की व्यवस्थाओं को समेटने का काम लगभग पूरा हो चुका है। परिवार की ओर से आवश्यक सामान और दस्तावेज पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
इस बीच 39 हार्डिंग रोड आवास को लेकर भी चर्चा जारी है, जिसे सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के लिए आवंटित किया था। लेकिन फिलहाल राबड़ी देवी की ओर से वहां शिफ्ट होने को लेकर कोई सहमति नहीं जताई गई है।
तेजस्वी यादव के आवास में शिफ्ट होने की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे परिवार के राजनीतिक समन्वय और रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल पारिवारिक निर्णय मान रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में आवासीय स्थान भी कई बार राजनीतिक संदेश देता है, खासकर जब यह किसी बड़े नेता या पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा हो।
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो राबड़ी देवी की ओर से और न ही आरजेडी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। ऐसे में सभी चर्चाएं केवल सूत्रों और अटकलों पर आधारित हैं।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि राबड़ी देवी वास्तव में कहां शिफ्ट होती हैं, लेकिन तब तक पटना की राजनीतिक फिजा में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।





