बिहार
लैंडिंग के वक्त टकराए दो हेलीकॉप्टर, चेन्नई के पर्यटक की मौत
Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 8:43 PM IST

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काठमांडू। नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। सोलुखुम्बु जिले के फेरिचे हेलीपैड पर उतरने के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस भीषण दुर्घटना में भारत के तमिलनाडु राज्य के चेन्नई निवासी 47 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ, जब फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी कंपनी के हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरने का प्रयास कर रहे थे। अचानक दोनों हेलीकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए, जिससे वे क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब 8 बजकर 11 मिनट पर हुई। हादसे का स्थान सोलुखुम्बु जिले की खुम्बू पासांग ल्हामु ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर चार में स्थित फेरिचे हेलीपैड है। यह इलाका दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के आसपास स्थित है और पर्यटकों तथा पर्वतारोहियों के बीच काफी लोकप्रिय है।नेपाल पुलिस ने मृतक की पहचान चेन्नई निवासी 47 वर्षीय वसंत कुमार बालारामुडु के रूप में की है। वह पर्यटन के उद्देश्य से नेपाल पहुंचे थे। हादसे के दौरान वह फिशटेल एयर के हेलीकॉप्टर में सवार थे। दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
इस हादसे में घायल हुए लोगों में भारतीय मूल के न्यूजीलैंड नागरिक शैलेश कृष्ण पटेल भी शामिल हैं। इसके अलावा दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट भी घायल हुए हैं। घायलों की पहचान फिशटेल एयर के पायलट रवींद्र प्रजापति और एयर डायनेस्टी के पायलट प्रज्वल केसी के रूप में सामने आई है। हादसे के बाद घायलों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग स्थानों से फेरिचे की ओर आए थे। एक हेलीकॉप्टर लुक्ला की ओर से पहुंचा था, जबकि दूसरा गोरक्षेप क्षेत्र से आया था। दोनों हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरने की प्रक्रिया में थे। इसी दौरान उनके बीच टक्कर हो गई।
हादसे के संबंध में सामने आए वीडियो में दोनों हेलीकॉप्टर एक ही लैंडिंग क्षेत्र की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं। इसी दौरान उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा जाते हैं और दोनों हेलीकॉप्टर संतुलन खोकर नीचे गिर जाते हैं। दुर्घटना का वीडियो सामने आने के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूचना अधिकारी ज्ञानेंद्र भुल ने भी हेलीकॉप्टरों के रोटर ब्लेड टकराने की जानकारी दी है। प्रारंभिक विवरण के अनुसार, दोनों हेलीकॉप्टरों के उतरने के दौरान यह टक्कर हुई। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
हादसे के बाद नेपाल के संबंधित अधिकारियों ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टरों और उनके परिचालन से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।यह पता लगाया जाना आवश्यक होगा कि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलटों के बीच लैंडिंग के दौरान किस प्रकार का संचार हुआ था। इसके अलावा हेलीपैड पर उतरने की अनुमति, निर्धारित प्रक्रिया और उड़ान नियंत्रण से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
माउंट एवरेस्ट क्षेत्र नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक और पर्वतारोही पहुंचते हैं। ऊंचे पहाड़ों, बर्फ से ढकी चोटियों और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह इलाका दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
हालांकि, इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं का संचालन काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऊंचाई अधिक होने के कारण हवा का घनत्व सामान्य क्षेत्रों की तुलना में कम होता है। इसके अलावा पहाड़ी भूभाग, तेजी से बदलने वाला मौसम और सीमित लैंडिंग क्षेत्र भी हेलीकॉप्टर परिचालन को कठिन बनाते हैं।इन परिस्थितियों में पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। छोटे हेलीपैड पर एक से अधिक हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों के दौरान पर्याप्त दूरी और बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक होता है।
हालांकि, मंगलवार को हुई इस दुर्घटना के पीछे मौसम की भूमिका थी या नहीं, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। नेपाल के एक अधिकारी ने प्रारंभिक जानकारी में मौसम को दुर्घटना का संभावित कारण नहीं माना है। तकनीकी समस्या या परिचालन संबंधी चूक की संभावना की जांच आवश्यक होगी।नेपाल के पर्वतीय इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाएं केवल पर्यटन तक सीमित नहीं हैं। इनका इस्तेमाल आपातकालीन चिकित्सा सहायता, पर्वतारोहियों के बचाव और दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक परिवहन के लिए भी किया जाता है।
माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में कई स्थान ऐसे हैं, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवाएं स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इस दुर्घटना ने पर्वतीय पर्यटन में हवाई सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेष रूप से उन स्थानों पर, जहां सीमित जगह में लगातार हेलीकॉप्टर उतरते और उड़ान भरते हैं, वहां परिचालन व्यवस्था की नियमित समीक्षा जरूरी है।हादसे में भारतीय पर्यटक की मौत के बाद भारत की ओर से भी दुख व्यक्त किया गया है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना में भारतीय नागरिक के निधन पर संवेदना प्रकट की है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
भारतीय पर्यटक की मौत से उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। नेपाल घूमने गए वसंत कुमार बालारामुडु की यात्रा इस दर्दनाक दुर्घटना में समाप्त हो गई। उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने से संबंधित औपचारिकताओं के लिए भारतीय और नेपाली अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा है।फिलहाल नेपाल के विमानन अधिकारियों के सामने दुर्घटना के कारणों का पता लगाना बड़ी चुनौती है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दोनों हेलीकॉप्टर एक ही समय पर लैंडिंग क्षेत्र में कैसे पहुंचे और उनके बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।
इस हादसे ने नेपाल के पर्यटन क्षेत्र को झकझोर दिया है। राहत की बात यह है कि दोनों हेलीकॉप्टरों में सवार अन्य लोगों की जान बच गई, लेकिन एक भारतीय पर्यटक की मौत ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद बना दिया है।अब सभी की नजरें नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की जांच पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट से दुर्घटना के कारणों का खुलासा होने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय तय होने की उम्मीद है।
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