बिहार

मोरहर नदी की तेज धारा में तीन मजदूर बहे दो सुरक्षित निकले एक लापता

Kavita2
2 Sept 2026 11:59 AM IST
मोरहर नदी की तेज धारा में तीन मजदूर बहे दो सुरक्षित निकले एक लापता
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गया। सदर प्रखंड के लरसा पंचायत अंतर्गत गोपालपुर गांव के तीन मजदूर मंगलवार रात महाल के समीप मोरहर नदी पार करने के दौरान तेज धारा की चपेट में आ गए। हादसे में दो मजदूर किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि एक मजदूर नदी में बहने के बाद से लापता है। लापता मजदूर की पहचान गोपालपुर गांव निवासी राजीव कुमार के रूप में हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने लापता मजदूर की तलाश शुरू की। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मजदूरी से लौटते समय हुआ हादसा

ग्रामीणों के अनुसार, राजीव कुमार, सोहन कुमार और अरुण कुमार मजदूरी करने के लिए धाना डिहरी गए थे। मंगलवार को काम खत्म करने के बाद तीनों मजदूरों को लौटने में देर हो गई। जब वे वापस गांव की ओर आ रहे थे, तब रात हो चुकी थी।

इसी दौरान उन्हें मोरहर नदी पार करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि उस समय नदी में पानी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और धारा सामान्य से काफी तेज थी। तीनों मजदूर नदी पार करने की कोशिश करने लगे, लेकिन तेज बहाव के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे पानी में बहने लगे।

दो मजदूरों ने तैरकर बचाई जान

हादसे के दौरान सोहन कुमार और अरुण कुमार ने किसी तरह खुद को संभाला। दोनों ने तैरकर नदी के किनारे पहुंचने में सफलता हासिल की। तेज बहाव के बावजूद दोनों मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए।

हालांकि राजीव कुमार तेज धारा की चपेट में आ गए। उनके साथियों और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण वह दिखाई नहीं दिए।

इसके बाद ग्रामीणों ने नदी के आसपास उनकी तलाश शुरू की।

नदी में बढ़ा हुआ था जलस्तर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंगलवार को मोरहर नदी का जलस्तर बढ़ गया था। नदी में पानी बढ़ने के कारण स्लुइस गेट खोले जाने की बात भी सामने आई है।

स्लुइस गेट खुलने के बाद नदी में पानी का बहाव और तेज होने की संभावना रहती है। ऐसे में रात के समय नदी पार करना मजदूरों के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने के बावजूद मजदूरों को नदी पार करनी पड़ी क्योंकि उन्हें मजदूरी से लौटते हुए देर हो गई थी।

रात में नदी पार करना पड़ा भारी

घटना का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि मजदूर रात के समय नदी पार कर रहे थे। अंधेरा होने के कारण पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल था।

नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण सामान्य रास्ता भी खतरनाक हो गया था। इसी दौरान तीनों तेज धारा में फंस गए।

ग्रामीणों के मुताबिक, यदि नदी का पानी कम होता तो शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लेकिन बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण राजीव कुमार बह गए।

लापता मजदूर की तलाश जारी

राजीव कुमार के नदी में बहने की जानकारी के बाद स्थानीय लोग लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। नदी के आसपास संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है।

तेज बहाव और अंधेरे के कारण शुरुआती स्तर पर तलाश में कठिनाई आई। सुबह होने के बाद खोज अभियान को व्यापक रूप दिया जा सकता है।

लापता मजदूर के परिवार में घटना के बाद से चिंता का माहौल है। परिजन नदी किनारे किसी तरह की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

गांव में पसरा चिंता का माहौल

गोपालपुर गांव के तीन मजदूरों के साथ हुए हादसे की जानकारी फैलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। दो मजदूरों के सुरक्षित बचने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन राजीव कुमार के लापता होने से चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लापता मजदूर की तलाश के लिए प्रभावी बचाव अभियान चलाने की मांग की है।

नदी में पानी बढ़ने के बाद बढ़ा खतरा

बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में पानी बढ़ने से नदी पार करने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ जाता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रोजमर्रा के काम और मजदूरी के लिए नदी या नालों के आसपास से होकर गुजरते हैं।

पानी का स्तर बढ़ने पर ऐसे रास्तों से आवागमन रोकना जरूरी होता है। खासकर रात के समय तेज बहाव वाली नदी पार करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है।

मोरहर नदी में मंगलवार को हुई घटना भी इसी खतरे को सामने लाती है।

स्लुइस गेट खोले जाने की बात

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नदी में पानी बढ़ने के कारण स्लुइस गेट खोल दिया गया था। गेट खोले जाने के बाद पानी के बहाव में बदलाव आया और नदी की धारा तेज हो गई।

हालांकि स्लुइस गेट कब और कितनी देर के लिए खोला गया, इससे संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। इस पहलू की पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

हादसे की परिस्थितियों की जांच जरूरी

घटना के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नदी पार करने वाले लोगों को रोकने या उन्हें सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी या नहीं।

स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान संवेदनशील स्थानों पर लोगों को सतर्क कर सकते हैं। ऐसे स्थानों पर चेतावनी या आवागमन रोकने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।

मंगलवार रात हुए हादसे के बाद इस पहलू पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

परिवार को राजीव के मिलने का इंतजार

राजीव कुमार के लापता होने के बाद उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन और ग्रामीण नदी किनारे उनकी तलाश में जुटे हैं।

दो साथी मजदूरों के सुरक्षित बचने से घटना की पूरी जानकारी सामने आने में मदद मिल सकती है। पुलिस और प्रशासन भी दोनों से हादसे के बारे में जानकारी लेकर घटनाक्रम को समझ सकते हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता राजीव कुमार का पता लगाना है।

तेज धारा ने ली एक जान?

मोरहर नदी में तीन मजदूरों के बहने की घटना ने एक बार फिर बढ़े जलस्तर के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। सोहन कुमार और अरुण कुमार तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि राजीव कुमार तेज धारा में बहने के बाद लापता हैं।

मजदूर तीनों धाना डिहरी से काम करके रात में लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें नदी पार करनी पड़ी और हादसा हो गया।

फिलहाल राजीव कुमार की तलाश जारी है। प्रशासनिक बचाव दल के स्तर पर अभियान को आगे बढ़ाए जाने और नदी की स्थिति के अनुसार खोजबीन तेज किए जाने की उम्मीद है। हादसे के बाद ग्रामीणों में नदी के बढ़े जलस्तर और रात में आवागमन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

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