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पटना के मौर्यालोक की तस्वीर
पटना: बिहार की राजधानी पटना के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स की तस्वीर करीब 43 साल बाद पूरी तरह बदलने की तैयारी है। पटना नगर निगम ने पुराने हो चुके मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास के साथ बाजार समिति को भी आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई है। दोनों परियोजनाओं पर कुल 4,193 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना के तहत पुराने ढांचों को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, दुकानें और कार्यालय विकसित किए जाएंगे।
मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स का निर्माण करीब 43 साल पहले हुआ था। वर्तमान में यह लगभग 13 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में करीब 395 दुकानें संचालित हैं। इसके अलावा कई निजी और सरकारी कार्यालय भी यहां मौजूद हैं। समय बीतने के साथ परिसर के कई भवन और टावर पुराने हो चुके हैं। इसी कारण अब पूरे परिसर को नए सिरे से विकसित करने की योजना बनाई गई है। मौर्यालोक के पुनर्विकास पर करीब 1,209.37 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है। मौजूदा पुरानी संरचनाओं को हटाकर यहां आधुनिक बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर बनाया जाएगा। इसमें कारोबार के साथ नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर करने की योजना है। हालांकि नए कॉम्प्लेक्स का अंतिम डिजाइन और इसमें मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार होने के बाद सामने आएगी।
मौर्यालोक के साथ ही पटना की बाजार समिति का भी बड़े स्तर पर पुनर्विकास प्रस्तावित है। इस परियोजना पर करीब 2,983.63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। बाजार समिति में करीब 100.28 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक वेयरहाउस विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित वेयरहाउस चार मंजिला होगा और इसके निचले हिस्से में दुकानें, कोल्ड स्टोरेज और कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे कारोबारियों को सामान के भंडारण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा मिल सकेगा। दोनों परियोजनाओं की DPR तैयार करने के लिए एजेंसी का चयन किया जा चुका है। रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजनाओं का विस्तृत स्वरूप और वास्तविक लागत स्पष्ट होगी। प्रस्तावों को पहले पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और नगर निगम बोर्ड के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा।
इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से पूरा करने की योजना है। प्रस्तावित वित्तीय मॉडल के मुताबिक कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाएगा। वहीं 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और शेष 25 प्रतिशत केंद्र सरकार की सहायता से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। योजना धरातल पर उतरने के बाद मौर्यालोक की पहचान आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है। वहीं बाजार समिति में वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं विकसित होने से व्यापारियों को भी बड़ी सहूलियत मिल सकती है। करीब चार दशक पुराने मौर्यालोक के इस मेकओवर को पटना के शहरी और व्यावसायिक ढांचे में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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