
Bihar: मोतिहारी जिले के तुरकौलिया प्रखंड में बोरिंग चौक से बाजार को जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली है। कभी यह सड़क अवैध शराब के धंधे और शराबियों के जमावड़े के कारण बदनाम मानी जाती थी, जहां शाम ढलते ही लोगों का आना-जाना कम हो जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय इस रास्ते से गुजरना सुरक्षित नहीं माना जाता था, खासकर महिलाओं और छात्रों के लिए।
लेकिन समय के साथ इस इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यही सड़क शिक्षा, व्यवसाय और आवासीय विकास का एक नया केंद्र बन चुकी है। सड़क के दोनों ओर तेजी से निर्माण कार्य हुए हैं और अब यहां चार दर्जन से अधिक पक्के भवन बन चुके हैं। पहले जहां सन्नाटा रहता था, वहीं अब दिनभर लोगों की चहल-पहल और व्यापारिक गतिविधियां देखी जाती हैं। इस क्षेत्र में निजी विद्यालय, कोचिंग सेंटर, विवाह भवन, किराना दुकानें, केक निर्माण इकाइयां और कई अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही कई लोगों ने मकान बनाकर उन्हें किराये पर देना शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय दोनों में वृद्धि हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में जमीन खरीदने में कोई रुचि नहीं लेता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। सड़क किनारे जमीन की कीमतें बढ़कर लगभग 50 से 60 लाख रुपये प्रति कट्ठा तक पहुंच गई हैं। इस बढ़ोतरी ने रियल एस्टेट गतिविधियों को भी गति दी है। इस सड़क की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहतर संपर्क है, क्योंकि यह प्रखंड कार्यालय, थाना, अंचल कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार को जोड़ती है। बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ती आबादी के कारण यहां लगातार विकास हो रहा है।
शराबबंदी के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और निवेश में तेजी आई। हालांकि स्थानीय विकास और व्यावसायिक गतिविधियों की बढ़ती भूमिका को भी इस बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। आज यह सड़क पूरी तरह अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर शिक्षा और व्यापार के एक नए कॉरिडोर के रूप में उभर चुकी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह इलाका और अधिक विकसित होकर पूरे क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।





