
बिहार: 30 जुलाई से शुरू होने वाले ऐतिहासिक श्रावणी मेले की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार मेले को वर्ल्ड क्लास स्वरूप देने की दिशा में व्यापक व्यवस्था की जा रही है, ताकि देशभर से आने वाले कांवरियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिल सके। मेले की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन सचिव लोकेश कुमार ने अधिकारियों को सभी कार्य समय सीमा से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों के जिला पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इसके साथ ही जीविका के सीईओ भी मौजूद रहे। पर्यटन सचिव ने स्पष्ट कहा कि कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पूरे कांवरिया पथ पर साफ-सफाई, बेहतर रोशनी, बालू बिछाने और 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस बार श्रावणी मेले में कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की जा रही हैं। कांवरियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे और प्रमुख स्थानों पर उनके साइनेज लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। गंगा घाटों पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी और रास्तों में टेंट सिटी विकसित की जाएगी, जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की बेहतर व्यवस्था रहेगी। इन टेंट सिटी में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानघर और निर्बाध बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। टेंट सिटी में दीदी की रसोई का संचालन होगा, जहां स्वच्छ और सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन के रेट चार्ट को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रावणी मेले के शुभारंभ अवसर पर सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ मंदिर के पास भव्य ड्रोन शो और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही पूरे मेला पथ में स्पेशल लाइटिंग, भव्य गेट और शिव मंत्रों के जाप की व्यवस्था की जा रही है।
मेले के उद्घाटन और समापन दोनों अवसरों पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, जिससे पूरे आयोजन को और भव्य रूप दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बार श्रावणी मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और व्यवस्थाओं का भी बेहतरीन उदाहरण पेश करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले कांवरियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव दिया जाए। इसी दिशा में लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।





