बिहार

9 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठेंगी मां

Saba Naaz
5 July 2026 3:17 PM IST
9 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठेंगी मां
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भोजपुर: पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन के सामने कई गंभीर मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। परिवार का कहना है कि न्याय नहीं मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। परिवार की ओर से सबसे बड़ा ऐलान यह किया गया कि भरत तिवारी की मां आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मामले में शामिल बताए जा रहे पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मृतक की बहन रूबी देवी ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर में शामिल SDPO, SHO समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवार के साथ अन्याय है और वे न्याय की मांग पर अडिग हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद से पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उनका कहना है कि देर रात बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध गाड़ी उनके घर के आसपास घूमती देखी गई, जिसकी जानकारी सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है। परिवार ने इसे गंभीर बताते हुए आशंका जताई है कि उनकी रेकी की जा रही है और किसी अनहोनी का खतरा है।

परिजनों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच शुरू होने से पहले परिवार को सूचना दी जाए, ताकि वे अपनी बात रख सकें और जांच में सहयोग कर सकें। इसके अलावा परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बदले की कार्रवाई में गांव के निर्दोष लोगों को भी केस में शामिल कर लिया है। जानकारी के अनुसार, इस मामले में 14 नामजद और करीब 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। परिजनों ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर बेगुनाह लोगों के नाम हटाए जाएं।

परिवार ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की है, जिसमें कथित तौर पर बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध कार दिखाई दी है। उनका कहना है कि पुलिस इस फुटेज के आधार पर वाहन और उसमें मौजूद लोगों की पहचान करे। इस पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि जब तक न्याय और निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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