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कांवड़ का सफर: बांस के चुनाव से रंग-बिरंगी सजावट तक, जानें हर दिलचस्प बात

nidhi
23 July 2026 8:17 AM IST
कांवड़ का सफर: बांस के चुनाव से रंग-बिरंगी सजावट तक, जानें हर दिलचस्प बात
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कांवड़ का सफर

BIHAR: सावन का महीना आते ही उत्तर भारत के कई राज्यों में कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लाखों शिवभक्त हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख, सुल्तानगंज और अन्य पवित्र घाटों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। इस पूरी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है कांवड़, जिसे श्रद्धालु अपने कंधों पर रखकर जल लेकर चलते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कांवड़ आखिर बनती कैसे है? इसे तैयार करने में किस प्रकार के बांस का इस्तेमाल होता है? इसकी कीमत कितनी होती है और इसे इतनी खूबसूरती से कैसे सजाया जाता है? आइए जानते हैं कांवड़ से जुड़ी पूरी Inside Story।
क्या होती है कांवड़?
कांवड़ दो सिरों पर जल पात्र लटकाने वाली एक विशेष संरचना होती है, जिसे श्रद्धालु अपने कंधों पर संतुलित करके गंगाजल लेकर चलते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यात्रा के दौरान कांवड़ को जमीन पर नहीं रखा जाता। इसके लिए विशेष स्टैंड का उपयोग किया जाता है।
समय के साथ कांवड़ का स्वरूप भी बदल गया है। अब साधारण कांवड़ के साथ-साथ आकर्षक डिजाइन, एलईडी लाइट, धार्मिक चित्रों और आधुनिक सजावट वाली कांवड़ भी बाजार में उपलब्ध हैं।
किस बांस से बनती है कांवड़?
पारंपरिक कांवड़ मुख्य रूप से पतले, हल्के और मजबूत बांस से बनाई जाती है। कारीगर आमतौर पर ऐसे बांस का चयन करते हैं जिसमें—
वजन कम हो।
लचक अच्छी हो।
आसानी से टूटे नहीं।
लंबी दूरी तक कंधे पर उठाने में परेशानी न हो।
कुछ जगहों पर स्थानीय बांस का उपयोग किया जाता है, जबकि बड़े बाजारों में असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर क्षेत्रों से आने वाले बांस भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
आजकल कई कांवड़ों में फाइबर, पीवीसी पाइप, एल्युमिनियम फ्रेम और हल्के धातु के ढांचे का भी उपयोग किया जाने लगा है, जिससे उनका वजन कम और मजबूती अधिक रहती है।
कांवड़ बनाने में कितना समय लगता है?
एक साधारण कांवड़ तैयार करने में लगभग 2 से 5 घंटे लग सकते हैं, जबकि बड़ी और विशेष डिजाइन वाली कांवड़ को तैयार करने में एक से तीन दिन तक का समय लग सकता है।
हाथ से तैयार की गई कांवड़ में बांस की कटाई, संतुलन, रंगाई और सजावट का काम अलग-अलग चरणों में किया जाता है।
कांवड़ की कीमत कितनी होती है?
कांवड़ की कीमत उसके आकार, सामग्री और सजावट पर निर्भर करती है।
आमतौर पर बाजार में इसकी अनुमानित कीमत इस प्रकार हो सकती है—
साधारण बांस की कांवड़: ₹200 से ₹500
सजावटी कांवड़: ₹500 से ₹1,500
एलईडी और विशेष डिजाइन वाली कांवड़: ₹1,500 से ₹5,000 या उससे अधिक
कस्टम या थीम आधारित कांवड़: ₹5,000 से ₹20,000 या उससे अधिक (डिजाइन और आकार के अनुसार)
कीमत शहर, बाजार, सामग्री और कारीगरी के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
कांवड़ पर क्या-क्या सजाया जाता है?
आज की आधुनिक कांवड़ केवल जल ले जाने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह श्रद्धा और कला का भी प्रतीक बन गई है।
सजावट में आमतौर पर शामिल होते हैं—
भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी की तस्वीरें।
ॐ और त्रिशूल के प्रतीक।
भगवा और केसरिया कपड़ा।
रंग-बिरंगे फूल और झालर।
मोती, लेस और सजावटी फीते।
एलईडी लाइट।
घंटियां।
कृत्रिम फूल।
धार्मिक संदेश और स्टिकर।
भारत माता या तिरंगे की थीम (जहां उपयुक्त हो)।
कौन बनाता है कांवड़?
देश के कई शहरों और कस्बों में स्थानीय कारीगर, बांस शिल्पकार और हस्तशिल्प से जुड़े परिवार वर्षों से कांवड़ बनाने का काम करते आ रहे हैं।
सावन शुरू होने से लगभग एक से दो महीने पहले ही कांवड़ निर्माण का कार्य तेज हो जाता है ताकि मांग के अनुसार समय पर आपूर्ति की जा सके।
कहां सबसे ज्यादा बिकती है कांवड़?
हरिद्वार, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली, बागपत, शामली, सहारनपुर, सुल्तानगंज, देवघर और उत्तर भारत के कई धार्मिक बाजारों में सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ की बिक्री होती है।
इन बाजारों में लाखों श्रद्धालु अपनी पसंद और बजट के अनुसार कांवड़ खरीदते हैं।
कांवड़ खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
यदि आप पहली बार कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें—
हल्की और संतुलित कांवड़ चुनें।
बांस मजबूत और बिना दरार वाला हो।
जल पात्र अच्छी गुणवत्ता के हों।
सजावट ऐसी हो जिससे यात्रा में परेशानी न हो।
अत्यधिक भारी कांवड़ लेने से बचें।
यदि एलईडी कांवड़ ले रहे हैं तो उसकी बैटरी और वायरिंग की जांच कर लें।
क्या महंगी कांवड़ ही बेहतर होती है?
ऐसा जरूरी नहीं है। धार्मिक दृष्टि से कांवड़ का महत्व उसकी कीमत नहीं, बल्कि श्रद्धा, नियमों के पालन और भक्ति से जुड़ा माना जाता है। साधारण कांवड़ लेकर भी लाखों श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ यात्रा करते हैं। महंगी या आकर्षक कांवड़ मुख्य रूप से सजावट और डिजाइन के कारण अधिक कीमत पर उपलब्ध होती है।

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