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वोट चोरी के आरोपों पर तेजस्वी यादव आक्रामक
पटना: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित “वोट चोरी” के मामले में ज्ञानेश कुमार की भूमिका की जांच होनी चाहिए और अगर वह इसमें सहभागी पाए जाते हैं तो उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। तेजस्वी यादव 30 सितंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हुए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनका कहना था कि केवल किसी एक व्यक्ति को पद से हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ये तेजस्वी यादव और विपक्ष के आरोप हैं; चुनाव आयोग ने संबंधित आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसकी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार हैं।
दिल्ली में होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवाद प्रमुख मुद्दे रहेंगे। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े सवालों और आगे की संयुक्त राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। बैठक में कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा पर भी विचार होने की संभावना है।
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी संस्थाओं का इस्तेमाल सत्ता पक्ष के हित में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को केवल संसद या बैठकों तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि जनता के बीच भी ले जाएगा। हालांकि भाजपा ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम कर रहे हैं।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भी हाल के दिनों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में SIR रोकने, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही तय करने की मांग उठी थी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने देशभर में विरोध-प्रदर्शन भी किए हैं। तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज है। हाल की रिपोर्टों में चुनाव आयोग के भीतर कुछ फैसलों पर असहमति की बात सामने आई थी, जबकि आयोग का कहना है कि संस्थागत प्रक्रिया में अलग-अलग राय होना सामान्य बात है।
अब नजर दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक पर है। इसमें विपक्षी दल यह तय कर सकते हैं कि चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर आगे किस तरह की संयुक्त रणनीति अपनाई जाए। तेजस्वी यादव ने साफ संकेत दिया है कि आरजेडी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ खड़ी रहेगी और कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ाने का प्रयास करेगी।
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