तेज प्रताप, लालू के साथ तेजस्वी की भी बढ़ा सकते हैं मुश्किलें; RJD और महागठबंधन की सियासी प्लान

New Delhi.नई दिल्ली। आरजेडी से निष्कासित नेता तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav Love Story Case) के प्रेम प्रसंग का सच सामने आने से बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है। यह घटना न सिर्फ राबड़ी परिवार और आरजेडी को एक करेगी बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी असर डालेगी।तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जो लोग चुनावी मैदान में हैं, वे भी तेज प्रताप के छोटे भाई हैं। हादसे का सबूत यही है कि तेज प्रताप अपने परिवार में आए भूचाल का केंद्र हैं।बूस्टर बढ़ाना भी मुश्किल हो सकता हैआरजेडी और परिवार से नाराज वामपंथी यादव ने तेज प्रताप के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की, लेकिन पिछले दिनों की घटनाएं बताती हैं कि धीरे-धीरे उनका अपने बेटे के प्रति प्रेम वापस लौटेगा जो युवा यादव के साथ-साथ दोस्तों की भी मुश्किलें बढ़ा सकता है।
तेज प्रताप का इतिहास भी बताता है कि वे ज्यादा दिनों तक चुप बैठने वालों में से नहीं हैं। वे कुछ ऐसा जरूर करेंगे जिससे वर्चुअल परिवार के साथ-साथ दोस्तों की भी राजनीति में उनकी पैठ बनी रहे।समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि तेज प्रताप से लेकर भूमचल परिवार पर कार्रवाई खत्म नहीं हो रही है, बल्कि यह शुरुआत है।तेज प्रताप की ताजा जानकारी से सीधे तौर पर जुड़े हैं तीन परिवारतेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय ने भी इस ओर इशारा करते हुए कहा है कि विवि परिवार ने सिर्फ विधानसभा चुनाव के लिए कार्रवाई की है। सभी लोग साथ आए हैं और शांति हो गई है, कुछ दिनों बाद फिर से एक हो जाएंगे। वैसे भी तेज प्रताप की ताजा लहर से सीधे तौर पर तीन परिवार जुड़े हैं।अनुष्का यादव जिनके साथ उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, अभी तक सामने नहीं आई हैं।
तलाक के लिए आठ साल से कोर्ट के चक्कर लगा रहे ऐश्वर्या राय का परिवार भी फ्रैंक के आने का इंतजार कर रहा है। ऐश्वर्या पूर्व मुख्यमंत्री द्रोण प्रसाद राय की पोती हैं। इस मामले में एक और महिला कलाकार का नाम भी तेजी से चर्चा में आया है। कुछ दिनों में उनकी बातें भी सामने आईं।राजनीतिक रंग पकड़ सकता है यह मामलाजाहिर है कि टैब में मान्यता प्राप्त परिवार पर चौतरफा हमले होंगे, जिससे रिश्ते के परिवार को राजनीतिक रंग मिल सकता है साथ ही वामपंथियों के समर्थकों को कम्युनिस्ट पार्टी पर हमला करने का बड़ा मौका मिल सकता हैयुवा यादव के चेहरे ने चुनावी जंग में आरजेडी के सहयोगी कांग्रेस और वाम दलों को भी आईना दिखाया है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि दूसरी तरफ से भी जवाबी हमला होगा, लेकिन नारे की धार तेजप्रताप की भावनाओं से कुंद हो जाएगी।





