बिहार

शिक्षकों ने समाहरणालय तक निकाला मार्च

Saba Naaz
4 July 2026 6:21 PM IST
शिक्षकों ने समाहरणालय तक निकाला मार्च
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Bihar: कैमूर जिला मुख्यालय में शनिवार को वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्यव्यापी महाआंदोलन के पांचवें चरण के तहत आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नियमित वेतनमान, पेंशन, सेवा सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद उन्हें अब तक नियमित वेतन और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस आंदोलन का नेतृत्व बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने किया। संगठन ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सासाराम के सांसद मनोज कुमार ने कहा कि वित्त रहित शिक्षक लंबे समय से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब शिक्षकों को नियमित वेतन, पेंशन, सेवा सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाई जाएगी।

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि यह आंदोलन अरवल, भोजपुर, बक्सर और रोहतास के बाद अब कैमूर में भी व्यापक समर्थन प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। धरना समाप्त होने के बाद समाहरणालय तक निकाली गई पदयात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, कॉलेज प्राचार्य, कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी और शिक्षा प्रेमी शामिल हुए। इसके बाद जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, संस्थानों के समायोजन और सभी सुविधाओं की मांग की गई।

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