
Bihar New Degree Colleges Classes Postponed: बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू करने की योजना फिलहाल टल गई है. तैयारी पूरी न होने, शिक्षकों की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के कारण सरकार को यह फैसला स्थगित करना पड़ा है. इस फैसले से उच्च शिक्षा विभाग की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
1 जुलाई से शुरू होने वाली योजना टली
राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि 1 जुलाई से नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी. लेकिन अब यह कार्यक्रम फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही नई तारीख तय की जाएगी.
211 नए कॉलेजों की थी बड़ी योजना
सरकार ने राज्य के उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला किया था जहां पहले कोई कॉलेज नहीं था. पहले 208 और बाद में 3 और जोड़कर कुल 211 कॉलेजों की पहचान की गई. इन कॉलेजों में पहले चरण में 16 विषयों की पढ़ाई शुरू करने की योजना थी, जिसमें 6 विषयों से शुरुआत प्रस्तावित थी.
9284 पदों का भी था प्रावधान
इन कॉलेजों के संचालन के लिए कुल 9284 पद स्वीकृत किए गए हैं. इनमें 6752 शिक्षक पद और 2532 नॉन-टीचिंग स्टाफ के पद शामिल हैं. हर कॉलेज में 32 शिक्षक और 12 कर्मचारी तैनात करने की योजना बनाई गई थी.
शिक्षक तैनाती पर फंसा सबसे बड़ा पेच
सरकार ने अस्थायी व्यवस्था के तहत नौवीं से बारहवीं तक के NET, JRF और PhD पास शिक्षकों को कॉलेजों में तैनात करने की योजना बनाई थी. लेकिन इस फैसले का विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद प्रक्रिया अटक गई और शिक्षक चयन पूरा नहीं हो सका.
इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना बाधा
कई कॉलेजों में अभी तक जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं है. क्लासरूम, लैब और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण पढ़ाई शुरू करना संभव नहीं हो पाया. इसी वजह से पूरी योजना पर ब्रेक लग गया.
विभाग नई कार्ययोजना में जुटा
उच्च शिक्षा विभाग अब इस समस्या का समाधान निकालने के लिए नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सभी कमियों को दूर करने के बाद ही कॉलेजों में पढ़ाई शुरू की जाएगी.
छात्रों का इंतजार जारी
इस फैसले के टलने से हजारों छात्रों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ेगा. राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार की यह बड़ी योजना फिलहाल अधर में लटक गई है.





