
Government School: लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित नंदनामा गांव के राजकीय बुनियादी विद्यालय तक आजादी के 76 साल बाद भी पक्की सड़क नहीं बन सकी है. करोड़ों रुपये की लागत से बने मॉडल स्कूल और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी बच्चों और शिक्षकों को कच्चे, कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है. बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
1950 में दान हुई थी जमीन, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति
जानकारी के अनुसार 21 जनवरी 1950 को गांव के शेख मोहम्मद आजम, शेख मोहम्मद गुलाम नबी और शेख मोहम्मद अली अहमद ने विद्यालय निर्माण के लिए 4 एकड़ 32 डिसमिल जमीन बिहार सरकार को दान दी थी. इसी भूमि पर राजकीय बुनियादी विद्यालय संचालित हो रहा है. बाद में 2008 में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निर्माण हुआ और 2010 में भवन तैयार किया गया. वर्ष 2025 में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से खेल मैदान भी बनाया गया, लेकिन पहुंच पथ अब भी कच्चा है.
300 से अधिक बच्चे रोज झेलते हैं परेशानी
राजकीय बुनियादी विद्यालय में करीब 300 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और 8 शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 80 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. बारिश के मौसम में कीचड़ और जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई होती है. कई बार छात्र फिसलकर घायल भी हो जाते हैं.
जनप्रतिनिधियों और विभागीय लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों और विद्यालय शिक्षा समिति का कहना है कि कई बार सड़क निर्माण के लिए शिक्षा विभाग और मनरेगा कार्यालय को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लोगों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण बुनियादी सुविधा आज तक उपलब्ध नहीं हो सकी.
मॉडल स्कूल का उपयोग भी प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार सड़क नहीं होने से करोड़ों की लागत से बने मॉडल स्कूल का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. भवन निर्माण सामग्री की ढुलाई और अधिकारियों के निरीक्षण में भी दिक्कत आती है, जिससे रखरखाव पर असर पड़ रहा है.
अधिकारियों का बयान
विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार ने बताया कि बरसात में रास्ता खराब होने से बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी होती है. वहीं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि मनरेगा के तहत इस प्रकार की पक्की सड़क का निर्माण संभव नहीं है, इसके लिए संबंधित विभाग को पहल करनी होगी.





