
पटना। पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की खबर सामने आई है। अस्पताल परिसर में देर रात मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच कथित मारपीट की घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण सुबह अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, देर रात पीएमसीएच परिसर में इलाज को लेकर किसी बात पर मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर दिया। हड़ताल की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
सुबह मरीजों को हुई परेशानी
हड़ताल के कारण सुबह से ही पीएमसीएच पहुंचने वाले मरीज परेशान नजर आए। दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने आए मरीज और उनके परिजन अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। कई मरीजों को यह समझ नहीं आ रहा था कि उनका इलाज कहां और कैसे होगा।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि वे गंभीर स्थिति में मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज में परेशानी हो रही है। कई लोग डॉक्टरों से मिलने और जांच कराने के लिए इंतजार करते रहे।
मुख्य गेट बंद होने की सूचना
बताया जा रहा है कि हड़ताल के बाद पीएमसीएच के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। इसके चलते अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की गई है, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
अस्पताल प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने और मरीजों को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।
डॉक्टरों ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
मारपीट की घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि कई बार मरीजों के परिजन इलाज में देरी या अन्य कारणों को लेकर डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ विवाद करने लगते हैं। ऐसे मामलों में अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और मारपीट की स्थिति कैसे बनी।
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा सकती है, ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
पीएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या, सीमित संसाधन और इलाज को लेकर अपेक्षाओं के कारण कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है।
स्वास्थ्य संगठनों की ओर से लंबे समय से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जाती रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सुरक्षित माहौल में ही वे बेहतर तरीके से मरीजों का इलाज कर सकते हैं।
मरीजों के सामने बढ़ी मुश्किलें
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को उठानी पड़ी, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पीएमसीएच पहुंचे थे। कई मरीजों को जांच, ओपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा।
मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराने और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद का समाधान बातचीत से होना चाहिए, ताकि मरीजों को नुकसान न उठाना पड़े।
स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी
फिलहाल अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारी मामले को सुलझाने में जुटे हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर जल्द से जल्द सेवाएं बहाल कराई जाएं।
पीएमसीएच में हुई इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और हड़ताल खत्म होने पर टिकी हुई है।





